वाराणसी। खुद को आईबी अफसर बताकर बीएचयू के छात्रों को नौकरी का झांसा देकर रुपये ऐंठने वाले जालसाज को लंका पुलिस ने रविवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। आरोपी की शिनाख्त बिहार के समस्तीपुर के रसनपुर निवासी कुश वत्स के तौर पर हुई है। पुलिस ने उसके पास से आईबी के दो फर्जी परिचय पत्र, दो मोबाइल और एक डायरी बरामद किया है।
सीओ भेलूपुर अनिल कुमार ने बताया कि इंस्पेक्टर लंका भारत भूषण तिवारी को शिकायतें मिली थीं कि खुद को आईबी अफसर बता कर एक युवक बीएचयू में पढ़ने वाले कई छात्रों को नौकरी दिलाने के नाम पर पैसा ले रखा है। नौकरी न मिलने पर छात्रों ने उससे अपना पैसा वापस मांगा तो वो देख लेने की धमकी देने लगा। शिकायतों का संज्ञान लेकर इंस्पेक्टर लंका ने जालसाज की खोजबीन शुरू की तो पता लगा कि वो साकेत नगर निवासी एक सेवानिवृत्त अधिकारी के मकान में किराये पर रहता है। इस सूचना पर इंस्पेक्टर लंका ने कुश वत्स को गिरफ्तार किया। पूछताछ में कुश ने बताया कि पहले वो सिम बेचने का काम करता था। उसे जल्द पैसा कमा कर बड़ा आदमी बनना था, इसी चक्कर में उसने नवयुवकों को विदेश भेजने और सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर रुपया ऐंठना शुरू किया। बताया कि समस्तीपुर निवासी एक दोस्त की मदद से बीएचयू के छात्रों से मेलजोल बढ़ा कर उन्हें अपनी बातों में फंसा कर फर्जीवाड़ा कर रहा था।