वाराणसी। कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने ऐलान किया है कि अगर कांग्रेस सत्ता में आएगी तो गरीबों को 12 हजार रुपये प्रतिमाह मिलेगा। आय इससे कम हुई तो हर साल अधिकतम 72 हजार रुपये तक सरकार देगी। इस घोषणा की पूरे दिन चर्चा रही। चट्टी-चौराहों से लेकर शैक्षिक प्रतिष्ठानों पर लोग मंथन करते देखे गए। अमर उजाला ने कुछ लोगों से उनकी राय जानने का प्रयास किया।
न्यूनतम आय और उतना न मिलने पर पैसे बांटने से ज्यादा जरूरी है कि रोजगार सृजन व अवसर बढ़ाने की बात पार्टी व नेता करें। -रोहित मिश्रा, सिगरा
राजनेताओं केे मस्तिष्क में इस तरह के विचार चुनाव के समय ही क्यों कौंधते हैं। इससे पहले कांग्रेस की सरकार के दौरान ऐसी घोषणाएं या प्रयास किए जाने चाहिए थे। निवेक्षा, बीएचयू
ये सब वोटरों को लुभाने के लिए किया जा रहा है। चुनाव में जीत हासिल करने के बाद सारे वायदे, दावे ठंडे बस्ते में चले जाते हैं। -प्रिया, बीएचयू
कांग्रेस ने गरीबों और उनके उत्थान की ओर ध्यान दिया है। इससे ज्यादा जरूरी यह है कि सत्ता में आने के बाद भी अपने वायदे पर सरकार डंटी रहे। -अभिषेक, लहुराबीर