पुष्पेन्द्र कुमार त्रिपाठी
वाराणसी। दालमंडी में वर्चस्व स्थापित करने के लिए जिला जेल में निरुद्ध बदमाश कभी भी गैंगवार कर सकते हैं। धुर विरोधी गिरोहों के बदमाश जेल के भीतर रोजाना एक-दूसरे को देख लेने की धमकी दे रहे हैं। जेल परिसर की चहारदीवारी और वाच टावर न होने के कारण बाहरी दीवारों तक अराजकतत्वों की आवाजाही लगी रहती है। यह हवाला देते हुए प्रदेश की अति संवेदनशील जेलों में से एक जिला जेल की सुरक्षा बढ़ाने के लिए अधीक्षक ने एसएसपी से गुहार लगाई है।
747 बंदियों की क्षमता वाली जिला जेल में 2100 से ज्यादा बंदी निरुद्ध हैं। कारागार की सुरक्षा में स्वीकृत क्षमता से 40 प्रतिशत कम बंदी रक्षक तैनात हैं। इस वजह से एक शिफ्ट में सात से आठ बंदी रक्षक सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभालते हैं। बंदी रक्षकों की कमी के चलते उन्हें बाहर तैनात करना संभव नहीं है। जिला जेल की कैंपस वॉल न होने और पर्याप्त निगरानी के अभाव में बाहर की ओर से बैरकों की तरफ गांजा, शराब और मोबाइल फेंके जाते हैं।
दालमंडी क्षेत्र के बदमाशों की बात करें तो जिला जेल में सलमान उर्फ अन्ना व उसका भाई अमन मलिक, शाहरुख, शेरू, फैजान, शाहनवाज उर्फ भंटू, अमित यादव उर्फ पट्टी सहित कई अन्य चर्चित नाम निरुद्ध हैं। इन बदमाशों की आपसी रंजिश जगजाहिर है। जेल अधीक्षक के अनुसार, इन वजहों से कारागार की बाह्य सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करना बेहद जरूरी है।