वाराणसी। प्रवासी भारतीय सम्मेलन के लिए बाबतपुर एयरपोर्ट, बड़ा लालपुर और ऐढ़े स्थित टेंट सिटी के साथ ही शहर भर में किए गए इंतजाम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खासे गदगद दिखे। प्रवासी भारतीयों के सामने मंगलवार को पीएम मोदी ने कहा कि बेहतर इंतजाम और सफल आयोजन के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उनके अफसरों व मुलाजिमों और स्थानीय प्रशासन को हृदय से बधाई देता हूं।
मोदी ने कहा प्रयागराज में कुंभ और काशी में प्रवासी भारतीय सम्मेलन के दो बड़े कार्यक्रमोें ने दुनिया को यह बता दिया है कि उत्तर प्रदेश की सरकार, ब्यूरोक्रेसी और यहां के मुलाजिम किसी से भी कम नहीं हैं। आमतौर पर किसी राज्य में प्रवासी भारतीय सम्मेलन का आयोजन करना हो और दुनिया के इतने मेहमान आने वाले हों तो बहुत मेहनत करनी पड़ती है। बड़ी योजनाएं बनानी पड़ती हैं और इसमेें करीब एक साल लग जाता है। कार्यक्रम के आयोजन के बाद एक साल थकान उतारने में लग जाता है। इसी दौरान प्रयागराज में कुंभ भी आयोजित है और 10 करोड़ लोगों के आने की संभावना है। सारी सरकारी मशीनरी कुंभ मेले में व्यस्त है और इसकी तैयारी के लिए दो-तीन साल लगातार काम करना पड़ता है। ऐसे में काशी में प्रवासी भारतीय सम्मेलन का आयोजन करें या न करें, इसे लेकर मन में झिझक थी। मगर, मुख्यमंत्री योगी और उनकी टीम के साथ ही शासन-प्रशासन के लोग बधाई के पात्र हैं जिन्होंने एक साथ दो बड़े कार्यक्रमों के सफल आयोजन की जिम्मेदारी ली। यह सामूहिक मेहनत निश्चित तौर पर प्रवासी भारतीयों का दिल जीत लेगी।
लोग होटल छोड़ कर टेंट सिटी में मजा लेने जा रहे
पीएम मोदी ने कहा कि उन्होंने भी गुजरात में प्रवासी भारतीय सम्मेलन का आयोजन किया था। पहले मुख्यमंत्री और अब प्रधानमंत्री, शायद हिंदुस्तान में एक ऐसा इंसान हूं जो लगभग सभी प्रवासी भारतीय सम्मेलन में मौजूद रहा। इनमें से एक बार वीडियो कांफ्रेंसिंग से शामिल हुआ था। मगर, ऐसा वातावरण प्रवासी भारतीय सम्मेलनों में इसके पहले मैंने कभी नहीं देखा। काशी में ऐसा भव्य आयोजन हुआ है और यहां की टेंट सिटी का नजारा ऐसा है कि लोग होटल छोड़ कर वहीं जा रहे हैं। मुझे पता लगा है कि लोगों को टेंट सिटी में एक नया अनुभव हो रहा है।