वाराणसी। ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं के आत्म सम्मान के लिए शुरू स्वच्छ भारत मिशन के तहत जिले में 2.21 लाख शौचालय बनाने थे जबकि अभी तक 90 प्रतिशत शौचालयों की ही जियो टैगिंग हो पाई है। पंचायत राज विभाग शेष10 प्रतिशत की जियो टैगिंग दिसंबर तक पूरा कराने का दावा कर रहा है। हालांकि इससे पहले विभाग दो अक्तूबर, 2018 तक 2.21 लाख शौचालय बनाने का लक्ष्य पूरा नहीं कर सका था।
हरहुआ विकास खंड की 96 ग्राम पंचायतों में 25839 शौचालय बनाने का लक्ष्य था। 25790 शौचालय बन गए हैं। इनका इस्तेमाल भी हो रहा है। गांव वालों ने 3800 और शौचालय की मांग की है। पिंडरा ब्लॉक की 102 ग्राम पंचायतों में 23578 शौचालय बनाने का लक्ष्य है। 23358 के लिए धन अवमुक्त हो गया है। एडीओ पंचायत वीरेंद्र मिश्र के मुताबिक 21661 शौचालय बन चुके हैं।
चिरईगांव ब्लॉक की 94 ग्राम पंचायतों में से 33 गांवों में सौ फीसदी 34 गांव में 90 प्रतिशत और 27 गांव में 80 प्रतिशत काम पूरा हो गया है। कुल 92 प्रतिशत काम पूरा है। सारनाथ क्षेत्र के सिंहपुर गांव के प्रधान श्याम प्रकाश भारद्वाज ने बताया कि उनके यहां 240 शौचालय निर्माण का लक्ष्य पूरा कर लिया गया है।
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ओडीएफ घोषित कर दिया, शौचालय अधूरे
चोलापुर ब्लॉक के 89 ग्राम पंचायतों को बेसलाइन सर्वे 2011 की सूची पर शौचालय बनाने का दावा कर ओडीएफ घोषित कर दिया गया है जबकि दर्जनों ग्राम पंचायतों में शौचालय अभी भी अपूर्ण हैं। कमिश्नर के निर्देश पर अधीक्षण अभियंता नलकूप के द्वारा इसका सत्यापन कराया जा रहा है। दो दिन पूर्व पांच ग्राम पंचायतों में टीम पहुंची थी। टीम को शौचालय न सिर्फ अधूरे मिले, बल्कि हो चुके निर्माण की गुणवत्ता भी उपयुक्त नहीं पाई गई। टीम को ग्राम पंचायतों के शौचालयों की जांच कर रिपोर्ट भेजनी है।
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चोलापुर ब्लॉक के 12 गांवों में बनेंगे सामुदायिक शौचालय
चोलापुर ब्लॉक की 12 ग्राम पंचायतों में सामुदायिक शौचालय बनाए जाएंगे। भगवानपुर में एडीपीआरओ राकेश यादव ने इसकी शुरुआत कर दी है। सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) छोटे लाल ने बताया कि ग्राम पंचायत अजगरा, भगवानपुर, उगापुर, बेला, पिपरी, धौरहरा, अजाव, गरथौली, पलकहा, श्रीकंठपुर और डुडुवा ग्राम में सामुदायिक शौचालय बनाए जाएंगे।