वाराणसी। गंगा के जल स्तर में बढ़ाव जारी है। सोमवार को 24 घंटे में 1.8 मीटर गंगा के जलस्तर में बढ़ोत्तरी दर्ज की गई। इस समय गंगा का जल स्तर 65.70 मीटर दर्ज किया गया। गंगा का जल स्तर अभी खतरे के निशान से 5.56 मीटर नीचे है। यदि जलस्तर बढ़ने का क्रम यही रहा तो दो-तीन दिनों में गंगा खतरे के निशान (71.26) मीटर तक पहुंच जाएंगी। इसको देखते हुए एनडीआरएफ, नगर निगम और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट हो गया है। सुरक्षा से लेकर हर तरह के इंतजाम किए जा रहे हैं। नगर निगम ने जहां घाटों पर लगे खंभे और लाइट के कनेक्शन जहां काट दिए हैं, वहीं एनडीआरएफ की टीम भी तैनात हो गई है। नगर निगम बाढ़ चौकियां भी बनाना शुरू कर दिया है। वहीं स्नान करने वालों को गहरे पानी में न जाने की सलाह दी जा रही है।
गंगा इसी तरह बढ़ती रहीं तो एक-दो दिन में खतरे के निशान तक पहुंच जाएंगी। लगातार जल स्तर में हो रही वृद्घि को देखते हुए पुलिस और प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। खतरे को देखते हुए नगर निगम ने गंगा किनारे लगाए गए हाईमास्ट और लाइटों के कनेक्शन काट दिए हैं। नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार इससे करेंट फैलने और अंडर ग्राउंड तार होने से फाल्ट होने का खतरा बढ़ गया है। वहीं सफाई व्यवस्था के लिए नगर निगम की टीम भी सतर्क है। नगर निगम की टीम ने बाढ़ चौकियां बनाने का काम शुरू कर दिया है। गंगा के बढ़ने के चलते शवदाह में भी परेशानी आ रही है।
उधर, गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए एनडीआरएफ की छह टीमें गंगा किनारे तैनात कर दी गई हैं। एनडीआरएफ के पीआरओ नीरज ने बताया कि अस्सी, दशाश्वमेध और राज घाट पर दो-दो टीमें छह मोटर बोट, डीप डाईविंग सिस्टम और उसकी टीम तैनात है। इसके अलावा कंट्रोल रूम में भी 20 की संख्या में एनडीआरएफ की टीम तैनात है, जो किसी भी आपात स्थिति से निपटनेे के लिए तैनात है।