ज्ञानपुर। गेहूं खरीद में लापरवाही बरतने पर जिले के दो पीसीएफ क्रय केंद्र प्रभारियों के खिलाफ निलंबन की तलवार लटक गई है। जिला विपणन अधिकारी ने दोनों प्रभारियों के निलंबन की संस्तुति करते हुए उच्चाधिकारियों को पत्र लिखा है।
जिले में एक अप्रैल से गेहूं खरीद शुरू हुई और 15 जून को खत्म हो गई। खरीद में दिक्कत न हो, इसके लिए पीसीएफ, विपणन संग कई संस्थाओं के माध्यम से 23 क्रय केंद्र खोले गए थे। शुरुआती दिनों में खरीद ठीक रही लेकिन बाद में पीसीएफ के कई क्रय केंद्रों पर उदासीनता बरती गई। इससे विपणन के क्रय केंद्रों पर दबाव बढ़ जाने से खरीद प्रभावित होने लगी। पीसीएफ के क्रय केंद्र दुलहीपुर और पाली में खरीद को लेकर भारी लापरवाही बरती गई। कभी प्रभारियों के मोबाइल बंद तो कभी बोरे का अभाव दिखाया गया। जगह न होने के साथ ही तमाम बहाने किए गए। इसको लेकर केशवपुर सरपतहां की लालती देवी और जद्दूपुर के विष्णु समेत 15 से अधिक किसानों ने शिकायत दर्ज कराई थी। किसान सेवा सहकारी समिति ज्ञानपुर के उप सभापति अरुण दूबे ने भी लिखित शिकायत की थी कि पाली और दुलहीपुर में खरीद न होने से उन्हें दूसरे क्रय केंद्रों पर गेहूं बेचने के लिए जाना पड़ रहा है। इस दौरान दुलहीपुर के केंद्र प्रभारी जोगेंद्र कुमार 15 दिन और पाली के प्रभारी श्यामधर यादव पांच दिन अनुपस्थित रहे। एडीएम, एसडीएम और विपणन अधिकारी के कई बार निर्देश देने के बाद भी खरीद को लेकर संजीदगी नहीं बरती गई। आरोप है कि दोनों प्रभारियों ने गेहूं खरीद के प्रावधानों का उल्लंघन किया। मामले को संज्ञान में लेते हुए जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी श्याम कुमार मिश्र ने दोनों प्रभारियों के निलंबन की संस्तुत करते हुए पीसीएफ के प्रबंधक और सहायक आयुक्त एवं निबंधक सहकारिता को पत्र लिखा है। निलंबन की संस्तुति से पीसीएफ के प्रभारियों में खलबली मच गई है।