फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

स्कूल ऑफ ब्रॉडकास्टिंग का मामला पहुंचा पीएमओ

विज्ञापन
विज्ञापन
वाराणसी। स्कूल ऑफ ब्रॉडकास्टिंग की धोखाधड़ी से संबंधित मामले की जानकारी प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) भेजी गई है। यह जानकारी रवींद्रपुरी स्थित प्रधानमंत्री संसदीय कार्यालय पर सोमवार को जन सुनवाई कर रहे भाजपा विधायक रवींद्र जायसवाल ने दी। बताया कि इसके अलावा उप मुख्यमंत्री केशव मौर्या को बताया गया है कि स्कूल संचालक उनके नाम की धौंस देकर लोगों को अपने प्रभाव में लेने की कोशिश करते हैं।
विज्ञापन

साथ ही, सिगरा इंस्पेक्टर को फोन कर पूछा गया कि 23 दिन बाद भी इतने गंभीर मामले में आखिरकार पुलिस कर क्या रही है। इस पर इंस्पेक्टर ने कहा है कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर जेल भेजेंगे। दरअसल, स्कूल संचालकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज होने के बावजूद कार्रवाई न होता देख पीडि़त छात्र-छात्राएं प्रधानमंत्री संसदीय कार्यालय गए थे। छात्र-छात्राओं ने स्कूल के संचालकों के कारनामे के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि वो उप मुख्यमंत्री केशव मौर्या के नाम के सहारे पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को प्रभावित करते हैं।
इस पर विधायक ने छात्र-छात्राओं को आश्वस्त किया कि निश्चिंत रहें, किसी के साथ अन्याय नहीं होगा। घटनाक्रम से पीएमओ को अवगत कराने के साथ ही उप मुख्यमंत्री को भी हकीकत बता दी गई है। स्कूल ऑफ ब्रॉडकास्टिंग के संचालक साईं शेखर तिवारी, सेंटर हेड मोना जसलानी, यशार्थ दीप और प्रशांत शुक्ला के खिलाफ 28 अप्रैल को सिगरा थाने में यौन उत्पीड़न, धोखाधड़ी, छल और जान से मारने की धमकी देने का मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले को लेकर मुकदमा दर्ज कराने वाले 20 छात्र-छात्राओं में से पांच छात्राओं का कलमबंद बयान मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज किया जा चुका है। इन सारी कवायदों के बीच पुलिस नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी करना तो दूर उनका पता भी नहीं लगा सकी है। छात्र-छात्राओं का आरोप है कि पुलिस के लचर रवैये के कारण ही आरोपियों ने महमूरगंज स्थित स्कूल का कार्यालय बंद कर दिया और सामान वगैरह समेट कर इलाहाबाद भाग गए।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें