वाराणसी। काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास परिषद दशाश्वमेध वार्ड के जिन दो पुराने भवनों की खरीद की है कागजात में उन्हें व्यवसायिक भवन बताया गया है। इनका सर्किट रेट आवासीय भवनों की अपेक्षा ज्यादा होता है। दोनों भवनों की रजिस्ट्री 55 हजार वर्ग मीटर सर्किल रेट के हिसाब से की गई है। बताया गया है कि इन दोनों भवनों के भूतल पर कभी दुकानें हुआ करती थी।
दशाश्वमेध वार्ड में आवासीय भवनों का सर्किल रेट 50 हजार तो वहीं व्यवसायिक भवनों का सर्किल रेट 55 हजार वर्ग मीटर है। आवासीय भवनों का ये सर्किल रेट मुख्य मार्गों के किनारे स्थित भवनों का है। चौका लगी हुई गलियों में 25 हजार वर्ग मीटर का सर्किल रेट है। कार्नर प्लाट या मकान का सर्किल रेट दस प्रतिशत ज्यादा है। दरअसल सरकार ने मंदिर परिसर के विस्तार कार्य, सुंदरीकरण एवं सुदृढ़ीकरण के लिए 650 करोड़ का बजट स्वीकृत किया है। सूत्रों का कहना है कि भवनों की खरीद फरोख्त में बिचौलिए हावी हैं। शासन से लेकर स्थानीय स्तर तक ये खेल चल रहा है। मंदिर न्यास कोई आपत्ति न कर पाए इसलिए अब राज्यपाल के नाम से रजिस्ट्री कराई जा रही है।