वाराणसी। आयकर विभाग ने शुक्रवार को शहर के सीमेंट, स्टील, कोयला और तेल के कारोबारी दो भाइयों के यहां छापे की कार्रवाई की। विभाग की 15 टीमों ने बनारस, रामनगर, चंदौली और चुनार के अलावा बिहार, झारखंड, असम, कोलकाता और दिल्ली स्थित कारखानों व कार्यालयों समेत 14 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। देर रात तक कार्रवाई जारी रही, जिसमें करोड़ों रुपये कर चोरी की आशंका में टीम ने कई अहम दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिया है। साथ ही कारोबारी के सीए ओपी तुलस्यान के घर पर भी टीम ने दस्तावेजों को खंगाला। इस कार्रवाई से अन्य कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।
कारोबारी भाई विपिन और संजीव अग्रवाल का कई राज्यों में सीमेंट, स्टील, कोयला और तेल का बड़ा कारोबार है। आयकर विभाग को शिकायत मिल रही थी कि कारोबारी बड़े पैमाने पर कर की चोरी कर राजस्व को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इसके मद्देनजर अपर निदेशक (जांच) अभय ठाकुर के नेतृत्व में वाराणसी, इलाहाबाद, लखनऊ, कानपुर, हल्द्वानी, बरेली, गोरखपुर और आगरा के अधिकारियों की 15 टीमें गठित की गईं। शुक्रवार को सुबह करीब सात बजे इन टीमों ने दोनों कारोबारियों के आवास के अलावा सभी कारखानों, प्रतिष्ठानों और कार्यालयों पर एक साथ छापा मार दिया। वाराणसी के जवाहर नगर, दुर्गाकुंड और लंका स्थित आवास पर कार्रवाई हुई। इसी तरह रामनगर और मिर्जापुर के चुनार में सीमेंट पैकेजिंग व स्टील फैक्ट्री, बिहार के कैमूर और रांची में इको सीमेंट फैक्ट्री तथा रोजमेरी सॉल्वेंट प्राइवेट लिमिटेड में छापेमारी हुई, जो देर रात चलती रही। इसके अलावा कोलकाता, दिल्ली, असम और झारखंड में भी जांच जारी है। झारखंड में विपिन ने बड़ा कोल ब्लाक आवंटित करा रखा है। अपर निदेशक ने बताया कि कारोबारी लगातार अपने कारोबार को घाटे में दिखा करोड़ों की कर चोरी कर रहे थे। साथ ही फर्जी सेल कंपनियां बनाकर कारोबार करने की भी शिकायतें थीं।
सर्च एंड सीजर की कार्रवाई के दौरान करोड़ों की आयकर कर की चोरी, आयकर विवरणी में गोलमाल, शेयर और जमीन खरीद-फरोख्त के दस्तावेज अफसरों के हाथ लगे हैं। अफसरों ने बहीखाते, शेयर प्रमाणपत्र, बैंक पासबुक, हार्ड डिस्क, लॉकर और स्टाक रजिस्टर सहित अन्य दस्तावेज जब्त कर लिए हैं। टीम में आयकर उप निदेशक (जांच) संगीता यादव, अजय शुक्ला, आरके गढ़वाल, अशोक यादव, पीके श्रीवास्तव, महेंद्र सिंह, नवेंदु भट्टाचार्य और गणेश शामिल थे।