वाराणसी। कभी उम्रदराज लोगों की बीमारी कही जाने वाली डायबिटीज अब युवाओं तक फैल चुकी है। अनियमित दिनचर्या, असंतुलित खान-पान और तनाव के चलते दुनिया भर में करोड़ों लोग इसकी चपेट में आ चुके हैं। इस खतरनाक बीमारी से बचाव के लिए जरूरी है कि खुद भी सजग रहें और दूसरों को भी जागरूक करें। ऐसे ही संदेशों और संकल्पों के साथ मंगलवार को संपूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय से भारत माता मंदिर तक निकले ‘ग्लोबल डायबिटीज वॉक’ में मधुमेह के खिलाफ आवाज गूंजी। जागरूकता रैली और हस्ताक्षर अभियान के बाद शाम को बीएचयू सिंहद्वार से कैंडल मार्च निकाला गया।
विश्व मधुमेह दिवस पर अमर उजाला फाउंडेशन, यूपी सरकार, वर्ल्ड डायबिटीज फाउंडेशन, एनसीसी, एनएसएस की संयुक्त पहल पर संपूर्णानंद विश्वविद्यालय से निकले जागरूकता मार्च में युवाओं ने बढ़-चढ़कर भागीदारी की। स्वास्थ्य विभाग के संयोजन में कुलपति प्रो. यदुनाथ प्रसाद दूबे ने मार्च को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
7 यूपी एयर स्क्वार्डन एनसीसी बीएचयू, 97 यूपी बटालियन एनसीसी के कैडेट, काशी विद्यापीठ राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों के साथ ही तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ की टीम के सदस्यों ने बढ़-चढ़कर भागीदारी की। युवाओं ने ‘कदम-कदम बढ़ाना है, देश को मधुमेह मुक्त कराना है’ जैसे नारों के साथ मधुमेह के खिलाफ जागरूकता फैलाई। तेलियाबाग, मलदहिया, काशी विद्यापीठ कैंपस होते हुए मार्च भारत माता मंदिर पहुंचा।
यहां सीएमओ डॉ. वीबी सिंह, जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी राजेश शर्मा, काशी विद्यापीठ के कुलसचिव ओमप्रकाश, एनएसएस के प्रो. सुशील गौतम, एडिशनल सीएमओ डॉ. पीपी गुप्ता, डॉ. आरके सिंह, तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ के जिला सलाहकार सौरभ सिंह आदि के साथ ही युवाओं ने हस्ताक्षर कर मधुमेह से मुक्ति के लिए लोगों को प्रेरित करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में संगीता सिंह, गौरव सिंह, एके श्रीवास्तव, विजय रघुवंशी, प्रमोद सिंह, यूनिसेफ से अनुराग मिश्रा, एनसीसी से कमांडिंग आफिसर नंदा वल्लभ, राजेंद्र कुमार, अशोक कुमार, सारनाथ सिंह, शशिबाला श्रीवास्तव, कर्नल एसके सिंह, मनबोध सिंह, रामबाबू राम, विजय कुमार, विनोद सिंह, वर्ल्ड डायबिटीज फाउंडेशन के डिवीजनल कोआर्डिनेटर रणविजय सिंह आदि मौजूद रहे। उधर, मधुमेह के प्रति जन जागरूकता के लिए बीएचयू सिंह द्वार से राष्ट्रीय सेवा योजना के समन्वयक डॉ. पीके शर्मा के देखरेख में स्वयंसेवकों ने कैंडल मार्च निकाला। जो लंका चौराहा होते हुए वापस सिंहद्वार आकर समाप्त हुआ। यहां सीएमओ, एडिशनल सीएमओ सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।