वाराणसी। इमाम हुसैन के बेटे इमाम जैनुल आबदीन की शहादत पर सोमवार को शहर में कई जगहों पर मजलिसें हुईं। वहीं, भदऊं और दोषीपुर में इमाम का ताबूत उठाया गया। अंजुमनों ने मातम और नौहाख्वानी की।
पहली मजलिस सुबह की नमाज के बाद भदऊ स्थित डॉ. शफीक हैदर के आवास पर हुई। प्रो. अजीज हैदर ने मजलिस को खिताब करते हुए कहा कि इमाम हुसैन की शहादत और इंसानियत के पैगाम को चौथे इमाम जैनुल आबदीन ने पूरी दुनिया तक पहुंचाया। मजलिस के बाद इमाम का ताबूत उठाया गया। अंजुमन सज्जादिया, अंजुमन आबिदिया, अंजुमन नसीरुल मोमीनीन के मातमदारों ने नौहख्वानी व मातम किया। मजलिस के पूर्व मुज्तबा असकरी ने मर्सिया पढ़ा। डॉ. जहीन हैदर ने शुक्रिया अदा किया।
फातमान में सैयद फरमान ने मजलिस पढ़ी। कहा कि इमाम जैनुल आबदीन ने इबादत की शान बढ़ाई, सब्र का सलीका सिखाया और दुआ मांगने का तरीका बताया। मुतवल्ली शफक रिजवी ने लोगाें का इस्तकबाल किया। उधर, दोषीपुर के मैदान में अंजुमन अजादारे हुसैन जाफरिया की ओर से इमाम का ताबूत उठाया गया। इसी तरह नई सड़क, अर्दलीबाजार, चौहट्टा लाल खां, शिवाला में इमाम की शहादत पर मजलिस हुई।