चंदौली। जनपद के सरकारी क्रय केंद्रों पर अब तक 32 हजार 209 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई है, जो निर्धारित लक्ष्य का 28 प्रतिशत मात्र है। इसमें 25 हजार 753 मीट्रिक टन गेहूं गोदाम में रखने के लिए एफसीआई के हवाले कर दिया गया है। शेष बचा 6455 मीट्रिक टन गेहूं क्रय केंद्र और जनपद में बनाए गए अस्थाई गोदामों में सुरक्षित रख लिया गया है। जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी का दावा है कि बरसात के मद्देनजर गेहूं के रख-रखाव की पूरी व्यवस्था कर ली गई है।
सरकारी क्रय केंद्रों पर गेहूं की खरीद 15 जून को समाप्त हो जाएगी। इस वर्ष जनपद में एक लाख 15 हजार 400 एमटी गेहूं खरीद का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इसके सापेक्ष 32 हजार 209 मिट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई है। विगत वर्ष की तुलना में इस वर्ष गेहूं खरीद ज्यादा हुई है। बहरहाल इस वक्त केंद्र प्रभारियों का ध्यान बरसात के मद्देनजर खरीदे गए गेहूं को सुरक्षित रखने की है। जनपद में मात्र व्यास नगर में ही भंडारण केंद्र है। इसकी क्षमता 38 हजार एमटी की है। इसमें भी राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना का चावल रखा गया। गोदाम में मात्र एक हजार एमटी खाद्यान्न रखने की जगह शेष है। इसलिए गेहूं वाराणसी के मंडुआडीह को भेजा जा रहा है। गेहूं खरीद के नोडल अधिकारी केके सिंह का कहना है कि अब तक 25 हजार 753 मिट्रिक टन गेहूं एफसीआई को सौंप दिया गया है। शेष बचा 6455 मीट्रिक टन गेहूं मंडी और एक राइस मिल में बनाए गए अस्थाई भंडारण कक्षों में रखा गया है। जो गेहूूं केंद्रों के बाहर पड़ा है उसे भी एहतियात के तौर पर प्लास्टिक के ढक दिया गया है और उसको सुरक्षित रखने की कवायद की जा रही है। बताया कि गेहूं खरीद के मामले में जनपद मंडल में दूसरे स्थान पर चल रहा है।