आजमगढ़ जिले के कोहरौड़ा गांव एक 70 वर्षीय वृद्धा को जमीन के मुआवजे को तौर पर 3.77 करोड़ मिला। वह इस मुआवजे की कुछ अंश अपनी तीन बेटियों में बांटना चाहती थी। वृ्द्धा की हसरत अधूरी रह गई, उसे गोली मार दी गई।
कोहरौड़ा गांव में सोमवार की रात जमीन के मुआवजे के बंटवारे के विवाद में वृद्धा की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मामले में पुलिस ने वृद्धा के बेटे सहित चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
कोहरौड़ा गांव की सहोदरा देवी (70) पत्नी स्व. त्रिवेणी यादव को एक बेटा और तीन बेटियां हैं। बड़ी बेटी राजपत्ती देवी के पति की मौत हो चुकी है। वह मायके में ही घर बनवाकर रहती है। अन्य दोनों बेटियों की भी शादी हो चुकी है।
सहोदरा देवी बेटी राजपत्ती के साथ रहती हैं। जबकि सहोदरा का बेटा वंशराज यादव पैतृक आवास में रहता है। सहोदरा और बेटे वंशराज का बैंक में संयुक्त खाता है। सहोदरा देवी की जमीन आजमगढ़-वाराणसी फोरलेन में गई है। उन्हें 3.77 करोड़ मुआवजा मिला है।
राजपत्ती के मुताबिक, मुआवजे के तीन करोड़ रुपये भाई वंशराज ने ले लिया है। जबकि मां 77 लाख रुपये हम तीनों बहनों में बांटना चाहती थीं। यह बात भाई को नागवार लग रही थी। इसी को लेकर विवाद था। तीन दिन पूर्व पुलिस ने भी समझौते का प्रयास किया था।
सोमवार की रात सहोदरा, राजपत्ती और उसके बेटों के साथ दरवाजे के बाहर सोई थीं। राजपत्ती देवी के मुताबिक, रात करीब साढ़े ग्यारह बजे चार लोग पहुंचे और मेरा मुंह दबाकर ले जाने लगे। आवाज सुनकर सहोदरा देवी जाग गईं और शोर मचाने लगीं। इस पर बदमाशों ने उन्हें गोली मार दी।
पेट में गोली लगने से सहोदरा की मौत हो गई। राजपत्ती देवी के बेटे बलवंत यादव ने मामा वंशराज, उसके दामाद रवींद्र यादव, मनोज यादव और विनय पांडेय के खिलाफ केस दर्ज कराया है।
मामले में एसपी सिटी शकील अहमद खां ने बताया कि रुपये के विवाद में वृद्धा की हत्या की गई है। रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है।