वाराणसी। स्वर साधिका गिरजा देवी के 90वें जन्मदिन पर बुधवार को आयोजित भावार्पण कार्यक्रम में कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों की स्वरांजलि देकर अप्पा जी को याद किया। अस्सी घाट स्थित सुबह-ए-बनारस मंच पर कार्यक्रम में लोकगायिका मालिनी अवस्थी, शालिनी वेद, मौसमी सेन आदि ने सुराें की डोर से श्रोताओं को जोड़े रखा। इस दौरान कलाकारों ने अप्पा जी की गायिकी के 10 रूपों को प्रस्तुत किया। हर एक प्रस्तुति पर दर्शकों ने भी कलाकारों का तालियों की गड़गड़ाहट से उत्साह बढ़ाया।
लोकगायिका मालिनी अवस्थी ने ठुमरी ठाणे रहो बाके श्याम से गायिकी की शुरूआत की। इसके बाद टप्पा मियां नजरें नहीं अंदा गाया। मालिनी ने मंच से जैसे ही चुनरिया पहिराई देब भौज मोरी... सोहर गाया तालियाें से घाट गूंज उठा। तबले पर नंदकि शोर और हारमोनियम पर धर्मनाथ मिश्रा और सारंगी पर अनीस ने संगत की। इसी तरह शालिनी वेद ने भी अप्पा जी को अपनी गायकी से संगीतांजलि दी। वहीं स्वर्णिम गुसाई, पृथाराय वर्धन, मौसमी सेन, सुचेता गांगुली, शिवांगिनी, राहुल रोहित मिश्रा ने अपनी प्रस्तुति से सभी को मंत्र मुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में हारमोनियम पर धर्मनाथ मिश्रा और भईयन जी, तबले पर कुबेर नाथ मिश्रा और आनंद मिश्रा, सारंगी पर अनीस मिश्र ने संगत की। संकल्पना डॉ. सुधा दत्ता और संचालन अंकिता खत्री ने किया।