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केंद्रीय विद्यालय बीएचयू के वार्षिकोत्सव नवरंग में निखरी राष्ट्रवाद की झलक

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वाराणसी। केंद्रीय विद्यालय के 54वें वार्षिकोत्सव नवरंग में राष्ट्रवाद की झलक के साथ ही सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने हर किसी को मंत्रमुग्ध कर दिया। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में गीत, संगीत और नृत्य की मनोहारी प्रस्तुति हुई। बेहतरीन प्रस्तुतियों पर छात्र-छात्राओं ने खूब तालियां बटोरीं। शुक्रवार को वार्षिकोत्सव एवं पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन बीएचयू परिसर के स्वतंत्रता भवन में किया गया।
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सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत डॉ. एएस सिंह, माधवी एवं विदुषी के संस्कृत सरस्वती वंदना से हुई। इसके बाद स्वागत गान एवं कथक की प्रस्तुतियां हुईं। उत्तर प्रदेश की अवधी झिझिया लाली रे लाली रे... ने जन जीवन की रंगीनियों को बिखेरा। नकलची नाटक ने दर्शकों का दिल छू लिया। वहीं एक्शन गीत नन्हें-मुन्ने बच्चे हैं... की प्रभावशाली प्रस्तुतियों ने पश्चिम की आधुनिक संस्कृति के सरस पहलुओं को मोहकता के साथ दर्शकों के सामने पेश किया। इसके बाद बच्चों ने बहे खून मेरा चमन के लिए, मेरी जान वतन के लिए... कव्वाली से राष्ट्रवाद और इंसानियत का संदेश दिया। नाटक में जान्हवी रौतेला, शिवांगी पांडेय, कृष्णकांत सिंह, अनुष्का, नम्रता, महक, दिव्यांशु ने बेहतरीन भूमिका निभाई।
बीएचयू के रेक्टर प्रो. वीके शुक्ला, प्रो. टीआर मानखंड एवं सहायक आयुक्त मीनाक्षी जैन ने दीप प्रज्ज्वलन एवं वाग्देवी तथा महामना मदन मोहन मालवीय की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर समारोह का शुभारंभ किया। स्वागत प्रधानाचार्य डॉ. दिवाकर सिंह ने किया। मुख्य अतिथि विजेताओं को पुरस्कृत किया। सांस्कृतिक कार्यक्रम का संचालन समीक्षा झा तथा श्रेया अमावी ने किया। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। इस दौरान राजेश प्रसाद, माया दूबे, वकील सिंह यादव, बिनिता सिंह, शिवकरन राम, आलोक श्रीवास्तव, वीके राय, सरफराज आलम, डॉ. जमाल अख्तर, एसके श्रीवास्तव, संजय नामा, गीता सिंह, मनीषा सिंह आदि मौजूद रहे।
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