वाराणसी। गौरव को गोली मारे की वजह बिड़ला ए और बिड़ला सी के छात्र गुटों के बीच की अदावत मानी जा रही है। छात्रों के अनुसार, एक हफ्ते पहले बिड़ला ए और बिड़ला सी के छात्र गुटों के बीच मारपीट हुई थी। दोनों गुटों ने एक-दूसरे के खिलाफ लंका थाने में मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने दोनों पक्षों से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। उस दौरान एक-दूसरे को देख लेने की धमकी दी गई थी।
बताया जाता है जिला जेल में निरुद्ध एक गुट के आरोपी से मुलाकात के दौरान उसके दोस्तों ने कसम खाई कि दूसरे गुट के छात्रों को तगड़ा सबक सिखाया जाएगा। हालांकि इस मारपीट में गौरव का नाम नहीं आया था, लेकिन एक गुट के छात्र उसके करीबी थे। इससे पहले 15 मार्च की आधी रात बिड़ला ए हॉस्टल के सामने फायरिंग की गई थी और उसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था।
बीएचयू परिसर में मारपीट और उपद्रव के लिए बिड़ला ए, बी, सी के साथ ही लाल बहादुर शास्त्री हॉस्टल के कुछ चिह्नित छात्र कुख्यात हैं। छात्रोें के अनुसार, गौरव आए दिन बिड़ला ए हॉस्टल में आता-जाता था और कई छात्रों से उसकी दोस्ती थी। मारपीट जैसे मामले में गौरव बिड़ला ए के छात्रों का साथ देता था। इसी वजह से चिह्नित छात्रों को वह खटकने लगा था। छात्रों ने आशंका जताई है कि गौरव की हत्या से छात्र गुटों के बीच टकराव बढ़ेगा और मौका देख कर दोनों गुट एक-दूसरे पर पलटवार करने में कसर नहीं छोड़ेंगे। वहीं, एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि चिह्नित उपद्रवियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ गैंगेस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी।