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रोस्टर के खिलाफ अध्यादेश पर निकाला विजय जुलूस

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वाराणसी। विश्वविद्यालयों और संबद्ध महाविद्यालयाें में होने वाली शिक्षकों की नियुक्ति में 13 पॉइंट रोस्टर के खिलाफ अध्यादेश लाने के केंद्र सरकार के फैसले पर छात्रों ने गुुरुवार को खुशी जताई। बीएचयू परिसर स्थित विश्वनाथ मंदिर से विजय जुलूस निकालकर छात्र-छात्राओं ने एक दूसरे को मिठाई खिलाकर खुशी का इजहार किया।
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बीएचयू में अप्रैल 2017 में इस आंदोलन की शुरुआत अनुसूचित जाति, जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग संघर्ष समिति के बैनर तले हुई थी। तब से लेकर अब तक कई बार छात्र-छात्राओं, शिक्षकों ने धरना, प्रदर्शन कर अध्यादेश लाने की मांग रखी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो पा रही थी। बहुजन चिंतक प्रो. महेश प्रसाद अहिरवार ने कहा कि एससी, एसटी, ओबीसी के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की दिशा में यह एक पड़ाव मात्र है, हमें इसे आगे भी जारी रखना होगा और इसका दायरा और व्यापक करना होगा ताकि यह कानून का रूप ले सके। साथ ही उन संस्थाओं में भी लागू किया जा सके जहां अब तक लागू ही नहीं किया गया है।
उन्होंने कहा कि केंद्रीय विश्वविद्यालय के अलावा राज्य विश्वविद्यालय व महाविद्यालय में आरक्षण को लागू नही होने दिया गया है । संघर्ष समिति के अध्यक्ष रवींद्र प्रकाश भारती ने कहा कि भाजपा सरकार द्वारा लाया गया अध्यादेश भाजपा और प्रधानमंत्री के मन में व्याप्त डर का परिणाम है। सरकार को जब समझ आया कि एससी, एसटी, ओबीसी भाजपा को खारिज करने वाले हैं अगले चुनाव में, उसी डर से यह अध्यादेश लाया गया है। इस दौरान राहुल भारती, बाल गोविंद सरोज, सूबेदार यादव, पिंकी गुप्ता, नेहा प्रकाश, रीता प्रसाद, अजय भारती आदि मौजूद रहे।
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