वाराणसी। मरीजों को सस्ती दवाइयां उपलब्ध कराने के लिए सरकारी अस्पतालों समेत शहर में आठ जगहों पर जन औषधि केंद्र खोले गए हैं, लेकिन यहां दवाइयां नहीं मिल पा रही हैं। मानक के अनुसार यहां 650 दवाइयां होनी चाहिए लेकिन किसी भी केंद्र पर 150 से ज्यादा दवाइयां नहीं हैं। चिकित्सक भी केंद्र की दवाइयां लिखने में रुचि नहीं ले रहे हैं।
मार्च 2017 में योजना की शुरुआत के बाद प्रदेश में एक हजार जन औषधि केंद्र खोले गए लेकिन इसका लाभ केवल कागजों तक ही सिमट कर रह गया। शहर में मंडलीय अस्पताल कबीरचौरा, दीनदयाल अस्पताल, रामनगर अस्पताल समेत दस जगहों पर केंद्र खुले हैं लेकिन यहां दवाओं का अभाव है। इसमें मंडलीय अस्पताल में तो मानक 650 की जगह करीब 100 ही दवाएं मिल रही हैं जबकि दीनदयाल में तो इसकी संख्या 50 से 60 है और रामनगर में 162 दवाएं मौजूद हैं।