ज्ञानपुर। पर्यावरण संरक्षण की मुहिम को गति देने के लिए जिला प्रशासन ने स्वतंत्रता दिवस पर जिले भर में करीब छह लाख पौधे लगाने का दावा किया था, उनके संरक्षण के कोई इंतजाम नहीं किए गए। इस लापरवाही के चलते करीब 50 हजार पौधे पांच दिन में ही सूख गए। बहुत से पौधों को पशुओं ने नष्ट कर दिया। जिला प्रशासन और वन विभाग की ऐसी कार्यशैली से सरकारी धन की बर्बादी के साथ ही प्रदूषण से जूझ रहे जिले में हरियाली बढ़ने की उम्मीद भी धूमिल हो रही है। यही स्थिति रही तो बाकी पौधे भी नष्ट हो जाएंगे। सरकार भले ही पर्यावरण सहेजने के लिए गंभीरता दिखा रही हो, लेकिन आम जनता के साथ ही जिला प्रशासन और वन विभाग की लापरवाही भारी पड़ रही है। इसका बड़ा उदाहरण भदोही जिले में देखने को मिल रहा है। बीते 15 अगस्त को सरकारी आंकड़ों के अनुसार जनपद को हरा-भरा बनाने के लिए पांच लाख 74 हजार पौधे रोपे गए थे। इस मद में लाखों रुपये खर्च कर दिए गए लेकिन पौधों के संरक्षण के इंतजाम नहीं किए गए। ऐसे में निगरानी के अभाव में 50 हजार से अधिक पौधे पांच दिन में ही सूख गए। वहीं कुछ पौधों का निपटारा पशुओं ने कर दिया। डीएफओ रविशंकर वाजपेयी ने बताया कि सरकार की मंशानुसार वन विभाग की तरफ से 1.60 लाख पौधे रोपे गए थे। बाकी पौधे अलग-अलग विभागों की ओर से लगाए गए थे। पौधरोपण के बाद देख-रेख नहीं होने से पौधे तेजी के साथ सूख रहे हैं। ज्ञानपुर तहसील, केएन पीजी कॉलेज परिसर, ज्ञानपुर रोडवेज परिसर, औराई के शुकुलपुर समेत जनपद के अन्य जगहों पर बड़ी संख्या में पौधे सूख गए हैं। जिन पौधों को बारिश का पानी मिला, उनकी हरियाली बनी हुई है। बाकी पौधे सूूखते जा रहे हैं। इससे जनपद में हरियाली की उम्मीद धूमिल होती जा रही है।