वाराणसी/कछवारोड। मिर्जामुराद थाने से अवैध हिरासत से सात दिन बाद छूटा किशोर और उसका परिवार पुलिस के बार-बार घर जाने से भयभीत है। पीड़ित परिवार ने गुरुवार को बताया कि पुलिसकर्मी बार-बार घर आते हैं और कुछ ग्रामीणों के साथ मिलकर हम पर दबाव बनाते हैं। कहते हैं कि तुम लोग अधिकारियों के सामने यही कहना कि बच्चे को हिरासत में नहीं रखा गया था सिर्फ पूछताछ के लिए एक दिन बुलाया गया था। परिवार के लोगों का कहना है कि पुलिस के बार-बार घर आने से वो सभी भयभीत हैं और इन हालात में उन्हें न्याय मिल पाना संभव नहीं लग रहा है।
मिर्जामुराद थाना के बीरबलपुर गांव निवासी एक परिवार का आरोप है कि उनके 13 वर्षीय बेटे को पुलिस ने चोरी हुए एक डंपर से छह जून को पकड़ा था। इसके बाद उसे हथकड़ी बांध कर थाने की हवालात में डाल दिया गया। उसकी रोजाना पिटाई की जाती थी कि वो स्वीकार करे कि चोर है। किशोर से मुलाकात करने उसके मां-बाप जाते थे तो मिलने नहीं दिया जाता था उल्टे फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी जाती थी। मंगलवार को हथकड़ी बंधे किशोर की हवालात की फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुई तो रात 10 बजे पुलिस ने उसे उसके घर पहुंचा दिया। प्रकरण की जांच एसएसपी ने एसपी ग्रामीण को सौंपकर दो दिन में बुधवार को रिपोर्ट तलब की थी। संभावना जताई गई है कि शुक्रवार को एसपी ग्रामीण अपनी रिपोर्ट एसएसपी को सौंप देंगे और तब जाकर दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।