वाराणसी। जिला जज दिनेश कुमार शर्मा की अदालत ने मंगलवार को संपत्ति और मंदिर के चढ़ावे के विवाद में विवाहिता को जलाकर उसकी हत्या करने के मामले में देवर पवन, प्रदीप व दिलीप गोस्वामी व देवरानी संजू गोस्वामी को दोषी पाने पर आजीवन कारावास व एक-एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। वहीं, इस मामले में आरोपी सास अरुणा गोस्वामी को साक्ष्य के अभाव में संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।
अभियोजन के अनुसार चौक के आसभैरव मंदिर निवासी पंडित बच्चेलाल गोस्वामी ने 10 अक्तूबर 2014 को चौक थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप था कि उनकी पुत्री आरती देवी को नौ अक्तूूबर की रात लगभग साढ़े नौ बजे उसके देवर पवन, प्रदीप, दिलीप, दिलीप की पत्नी संजू व सास अरुणा ने मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगा दी और बाहर से कमरे को बंद कर दिया। आरती के चिल्लाने पर उसका छोटा बेटा अंकित जब उसे बचाने गया तो सभी अभियुक्तों ने उसे खींच लिया। अभियुक्तों ने उससे कहा कि उसे मरने दो। अदालत में डीजीसी अनिल कुमार सिंह ने कहा कि विवाद की मुख्य वजह मंदिर का चढ़ावा का बंटवारा और मंदिर के ऊपर रिहायशी भवन के कमरों का विवाद था। इस मामले में आरती ने अभियुक्तों के खिलाफ अदालत में मुकदमा कर रखा था। जिसमें घटना के एक दिन बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में तारीख थी, जिसमें आरती का बयान और कार्रवाई होनी थी। इसी रंजिश को लेकर सभी अभियुक्तों ने एक राय होकर उसे जलाकर मार दिया था। आरती ने कबीरचौरा अस्पताल में मजिस्ट्रेट को दिए अपने मृत्यु पूर्व बयान में भी यही बात कही थी। अदालत ने आरती की मृत्यु पूर्व बयान को आधार मानते हुए सास को छोड़कर अन्य अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अदालत में अभियोजन की ओर से नौ गवाह पेश किए गए।
शिवपुर पुलिस ने नहीं पेश की आख्या
वाराणसी। इंटरनेशनल माफिया दाऊद इब्राहिम, विधायक मुख्तार अंसारी व रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया और एमएलसी बृजेश सिंह के द्वारा आपसी सांठगांठ कर एक-दूसरे को बरी कराने को लेकर शिवपुर निवासी राकेश न्यायिक की ओर से दाखिल याचिका पर शिवपुर पुलिस ने मंगलवार को कोर्ट मेें आख्या नहीं पेश की। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट षष्टम की अदालत ने 20 जनवरी को रिपोर्ट तलब करते हुए सुनवाई की तिथि नियत की है।
नहीं प्रवेश किए वाहन, सभी को रही राहत
वाराणसी। सुरक्षा समिति की बैठक में लिए गए निर्णय के अनुरूप न्यायिक अधिकारियों को छोड़ कर अन्य किसी का भी वाहन मंगलवार को कचहरी परिसर में प्रवेश नहीं किया। इसके चलते कचहरी परिसर में वादकारियों और अधिवक्ताओं का आना-जाना सुगम तरीके से हुआ। जिला जज दिनेश कुमार शर्मा की अध्यक्षता में लिए गए इस निर्णय पर अधिवक्ताओं ने खुशी जताई।
बनारस बार के पूर्व महामंत्री नित्यानंद राय, विनोद सिंह और राजकुमार तिवारी की पहल पर सोमवार को सुरक्षा समिति की बैठक में निर्णय लिया गया था कि कचहरी परिसर की सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर न्यायिक अधिकारियों के अलावा अन्य किसी के वाहन प्रवेश नहीं करेंगे। इसी तरह की व्यवस्था कलेक्ट्रेट में भी कराने के लिए सेंट्रल बार के महामंत्री संजय सिंह दाढ़ी डीएम से मिलेंगे।