वाराणसी। सड़क पर अतिक्रमण कर बनाए गए भवनों-दुकानों के खिलाफ कड़ा रुख अख्तियार करते हुए जिला प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है। बुधवार को अतिक्रमण की जद में आए मंडुवाडीह थाने की बैरक भी प्रशासन ने ढहा दी। इससे स्थिति साफ हो गई कि प्रशासन के रुख में कोई नरमी नहीं है, चाहे सरकारी भवन हों या निजी मकान, अतिक्रमण के दायरे में आने वाले किसी भी अवैध निर्माण को छोड़ा नहीं जाएगा। बाजार के जो दुकानदार और स्थानीय लोग बैरक और थाने को तोड़ने पर सशंकित थे, उन्होंने बैरक टूटते ही अतिक्रमण के दायरे में आने वाले अपने भवनों को गिराने का काम तेज कर दिया। वहीं एसीएम प्रथम ने भी कहा कि जो भी सरकारी या गैर सरकारी निर्माण अतिक्रमण के दायरे में होंगे, उन्हें तोड़ा जाएगा।
एसीएम प्रथम सुशील गौड़ की अगुवाई में जिला और प्रशासन की टीम सुबह 11:30 बजे मंडुवाडीह चौराहे पहुंची। पहले ककरमत्ता मार्ग पर पैमाइश कराई गई। एक उपासना स्थल की चारदीवारी तक पैमाइश के बाद टीम मंडुवाडीह थाने की बैरक ढहाने पहुंची। वहां पहले ही थानाध्यक्ष आशुतोष तिवारी मजदूरों से बैरक को ढहाने का काम शुरू करा चुके थे। टीम ने जेसीबी लगाकर बैरक तोड़वा दी। हालांकि अतिक्रमण की जद में मंडुवाडीह थाने का अतिक्रमण पर हथौड़ा नहीं चला है। इसके बाद अतिक्रमण दस्ता भिखारीपुर तिराहे पहुंचा। वहां बीएसएनएल आफिस से सटी डीरेका की बाउंड्री भी सड़क पर बनी थी। उसे तोड़ दिया गया। फिर भिखारीपुर से चितईपुर तक दोनों ओर से अतिक्रमण हटाने की चेतावनी देकर दस्ता तकरीबन शाम चार बजे लौट गया। इस दौरान बज्र वाहन, एक कंपनी पीएसी के साथ सीओ अयोध्या प्रसाद सिंह की अगुवाई में भारी तादाद में पुलिस फोर्स तैनात रही।