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इस बार रैकिंग सुधारना होगी चुनौती

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वाराणसी। स्वच्छता सर्वे 2018 के लिए नगर निगम ने तैयारी तो शुरू कर दी है मगर इस बार चुनौतियां बड़ी हैं। शहर की बदहाल सड़कों और गंदगी की वजह से रैंकिंग सुधारने ही नहीं, रैंकिंग को बरकरार रखने के लिए भी निगम प्रशासन को जूझना होगा।
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भारत सरकार के शहरी विकास मंत्रालय की ओर से पिछली बार कराए गए स्वच्छता सर्वे में काशी को देश में 32वां और प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त हुआ था। अब इस बार जनवरी के प्रथम सप्ताह में स्वच्छता सर्वे होना है, जिसके मद्देनजर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। हालांकि शहर के हालात खराब होने के कारण निगम प्रशासन के लिए राह बहुत कठिन है। गैस पाइप लाइन बिछाने और आईपीडीएस के काम के लिए शहर भर की सड़कें खोद दी गई हैं, जिससे धूल-गंदगी और जाम से लोग जूझ रहे हैं। इसके अलावा सफाई व्यवस्था भी बेपटरी हो गई है। इसके चलते कूड़ाघरों के साथ ही सड़कों पर जगह-जगह कचरा बजबजा रहा है। कचहरी, फातमान रोड, मलदहिया, मछोदरी, विशेश्वरगंज, औरंगाबाद और लल्लापुरा समेत कई इलाकों में कचरे के ढेर लगे होने से लोगों का सांस लेना तक मुश्किल हो गया है। वहीं, बजरडीहा, जोल्हा, जक्खा, रानीपुर, तुलसीपुर, बड़ी बाजार और पांडेयपुर में सीवेज बजबजा रहा है।
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