जौनपुर। शाहगंज जीआरपी थाना क्षेत्र में 22 वर्ष पूर्व हुई दो सिपाहियों की हत्या का मुकदमा सोमवार को फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम बलराज सिंह की अदालत में पेश हुआ। मामले में पोस्टमार्टम के गवाह घनश्याम दुबे ने उपस्थित हो कर अपना बयान दर्ज कराया जिस पर जिरह जारी है। इसे संज्ञान में लेते हुए न्यायाधीश ने मामले में अगली सुनवाई के लिए 9 नवंबर की तिथि तय की है।
मामले के अनुसार शाहगंज जीआरपी थाना क्षेत्र में बाईस वर्ष पूर्व 4 फरवरी 1995 को 2 बजे दिन राइफल, पिस्टल, रिवाल्वर से अंधाधुंध फायरिंग करते हुए पुलिस लॉकअप में बंद राजकुमार यादव को जबरन छुड़ाने की घटना हुई थी। घटना में गोली लगने से सिपाही अजय सिंह और लल्लन सिंह की मौत हो गई थी। चारों तरफ भय और आतंक का माहौल व्याप्त हो गया था और अफरातफरी मच गई थी। मामले में सिपाही रघुनाथ सिंह ने दर्ज कराई थी। इसमें पूर्व सांसद उमाकांत यादव, राजकुमार यादव, धर्मराज यादव, महेंद्र, सूबेदार, बच्चूलाल सहित सात लोग आरोपी बनाए गए थे। पुलिस ने मामले की विवेचना पूरी कर आरोपपत्र कोर्ट में दाखिल किया था। इस मामले में विचारण चल रहा है।