वाराणसी। बीएचयू के सर सुंदर लाल अस्पताल में छह और सात जून को ऑपरेशन के बाद हुई मरीजों की मौत के मामले में जांच करने शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग के निदेशक डॉ. आरकेश पहुंचे। निदेशक ने सबसे पहले आक्सीजन आपूर्ति की व्यवस्था देखी और कर्मचारी से पूछताछ भी की। इसके बाद मरीजों के भर्ती, इलाज आदि से जुडे़े कागजातों की जांच की। वह शनिवार को लंका थाने में दर्ज मुकदमों के बारे में जानकारी लेंगे।
अस्पताल के आईसीयू में भर्ती मरीजों का छह-सात जून को आपरेशन हुआ था। कुछ ही देर बाद ही आपरेशन थिएटर में मरीजों की मौत हो गई थी। आनन-फानन में बीएचयू प्रशासन ने फैक्ट फाइडिंग कमेटी बनाई थी, जिसने प्रथम दृष्टया नाइट्रस आक्साइड और आइसोफ्लोरेन इंजेक्शन पर सवाल खड़ा किया था। इसके बाद गहन जांच के लिए आठ सदस्यीय कमेटी गठित की गई थी, जिसकी रिपोर्ट हाईकोर्ट में सौंपी गई है। इस बीच भुवनेश्वर द्विवेदी की ओर से दायर की गई जनहित याचिका में हाईकोर्ट ने पूरे मामले में डीजी हेल्थ को जांच करने का निर्देश दिया था। इस पर डीजी ने निदेशक स्वास्थ्य की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच कमेटी बनाई, जिसमें बनारस मंडल के अपर निदेशक और सीएमओ को सदस्य के रूप में शामिल किया गया।
शुक्रवार को जांच करने पहुंचे निदेशक ने चिकित्सा अधीक्षक डॉ. ओपी उपाध्याय की अनुपस्थिति में उनका कार्यभार देख रहे डॉ. आनंद के साथ विभिन्न पहलुओं की छानबीन की। उन्होंने बताया कि मौके पर जो कागजात उपलब्ध नहीं थे, उन्हें शनिवार को अस्पताल प्रशासन से उपलब्ध कराने को कहा गया है। कहा कि जल्द ही जांच रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी।