वाराणसी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से परिवार नियोजन की चलाई जा रहीं योजनाएं जिले में पुरुषों को प्रभावित नहीं कर पाई हैं। नसबंदी के आंकड़ों पर नजर डालें तो यही बात सामने आती है। सत्र 2015-16 के आंकड़ों के अनुसार महज 0.1 फीसदी पुरुषों ने नसबंदी कराई, जबकि 30.7 फीसदी महिलाओं ने।
जागरूकता के लिए अलग-अलग कार्यक्रम चलाए जाते हैं और बड़ी धनराशि खर्च की जाती है। बावजूद पुरुष नसबंदी नहीं बढ़ रही है। जहां तक परिवार नियोजन के साधनों की बात है तो जिले में 16.4 प्रतिशत लोगों तक विभाग की ओर से दिए जाने वाले साधन नहीं पहुंच पा रहे हैं। 15 से 49 साल के 58.5 प्रतिशत पति-पत्नी इसका प्रयोग कर रहे हैं, जबकि 42.6 प्रतिशत आधुनिक साधनों का इस्तेमाल कर रहे हैं। सीएमओ डॉ. वीबी सिंह ने बताया कि पुरुष नसबंदी भी अब बिना चीरा लगाए की जा रही है। इसके लिए अस्पतालों में कैंप लगाने के साथ ही चिकित्सकों को जिम्मेदारी दी गई है।
क्वींस कॉलेज से निकली जागरूकता रैली
जनसंख्या दिवस पर मंगलवार को राजकीय क्वींस इंटर कॉलेज से जागरूकता रैली निकाली गई। सीएमओ की देखरेख में निकली रैली को डीएम योगेश्वर राम मिश्रा ने हरी झंडी दिखाई। डीएम ने बढ़ती जनसंख्या को देश के लिए प्रमुख चुनौती बताया। इस दौरान जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी राजेश शर्मा, क्वींस कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. राजेश यादव, डॉ. रुचि पाठक, मांगे राम, अखिलेश सहित कई लोग मौजूद रहे।