वाराणसी। किसानों को अपनी सोच बदलनी होगी। खेती के साथ पशुपालन आमदनी का बेहतर जरिया है। पशुपालक केवल दूध बेचने पर फोकस न करें बल्कि दूध के अन्य उत्पाद भी तैयार कर लाभ कमा सकते हैं। बुधवार को अमर उजाला, महिंद्रा एंड महिंद्रा और पराग डेयरी की ओर सेककरमत्ता स्थित होटल मधुबन पैलेस में आयोजित डेयरी सम्मेलन का उद्घाटन करने के बाद ये बातें मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. वीबी सिंह ने कहीं।
सम्मेलन में बनारस समेत आसपास के जिलों से आए किसानों को पशुपालन, डेयरी व्यवसाय के बारे में जागरूक किया गया। महिंद्रा एंड महिंद्रा के सेल्स हेड प्रतीक सिंह ने व्यवसायिक वाहनों के बारे में जानकारी दी। पराग डेयरी के जीएम विजय शंकर पांडेय ने कहा कि किसानों की आय के दो मुख्य साधन हैं। एक खेती और दूसरा पशुपालन। दोनों के समन्वय से किसान अपनी आर्थिक स्थिति सुदृढ़ कर सकते हैं।
पराग डेयरी के पीएंडआई हेड आरसी दूबे ने बताया कि आने वाले दिनों में दुग्ध वाहनों जीपीएस ट्रैकिंग सिस्टम लगाया जाएगा। इससे दूध में हेराफेरी रुकेगी। राज इंडिया आटो प्राइवेट लिमिटेड के जीएम श्याम सुंदर मिश्र और राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त कृषि वैज्ञानिक डॉ. चंद्रशेखर ने कहा कि पशुपालन से खेती भी बेहतर होगी।
डेयरी एक्सपर्ट डॉ. अश्वनी सिंह ने पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के जरिये पशुपालन और दूध की गुणवत्ता के बारे में बताया। पवन सिंह और उनकी टीम ने गाड़ियों के बारे में जानकारी दी। चंदौली के सोनू सिंह और चकिया के अनिल कुमार सिंह ने पशुपालन से जुड़ी सवाल उठाए, जिनका समाधान डेयरी विशेषज्ञों ने किया।
इस अवसर पर फतेहपुर चंदौली कांता रोड के किसान नरोत्तम मौर्य, मौलवीबाग सोनिया, सिगरा के आनंद कुमार सिंह और जमानिया, गाजीपुर के सत्यम प्रकाश सिंह ने तीन वाहन बुक कराए। इन तीनों को बतौर उपहार म्यूजिक सिस्टम दिया गया। इनके अलावा लकी ड्रा भी कराया गया। इसके विजेता राजू शर्मा, राधेश्याम, रोहिल मोदनवाल, चंदन सिंह, कांति देवी और बीना देवी को पुरस्कार प्रदान किए गए। कार्यक्त्रस्म का संचालन ओजस्वी शर्मा ने किया।