जिले के 2800 से अधिक निजी स्कूलों में बच्चों को लाने और घर तक पहुंचाने के लिए करीब 5000 से अधिक वाहनों का संचालन हो रहा हैं। स्कूली वाहन के रूप में इन्हें टैक्स में काफी छूट मिलती है लेकिन अधिकतर वाहनों की स्थिति काफी खराब हो गई है।
वाराणसी जनपद में बिना फिटनेस के स्कूली बच्चों को लेकर फर्राटा भर रहे वाहन ब्लैक लिस्टेड किए जाएंगे। नोटिस के बाद भी करीब 600 वाहन स्वामी फिटनेस प्रमाण पत्र का ब्यौरा नहीं दे रहे हैं। ऐसे में अब उन्हें ब्लैकलिस्ट करने की कवायद तेज हो गई है। जनपद में 2800 से अधिक निजी स्कूलों का संचालन हो रहा है।
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स्कूल में बच्चों को लाने और घर तक पहुंचाने के लिए करीब 5000 से अधिक वाहनों का संचालन हो रहा हैं। स्कूली वाहन के रूप में इन्हें टैक्स में काफी छूट मिलती है लेकिन अधिकतर बसों और मैजिक की स्थिति काफी खराब हो गई है। आए दिन हादसे भी होते रहते हैं। लंबे समय से करीब 600 वाहन स्वामियों ने स्कूल वाहनों और बड़े वाहनों का फिटनेस नहीं कराया, न ही विभाग में प्रपत्र ही जमा किया।
बच्चों की सुरक्षा को देखते जुलाई में विभाग ने स्कूली वाहन स्वामियों को नोटिस भेजकर फिटनेस व प्रपत्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। हैरत की बात यह है कि विभागीय निर्देशों को नजरअंदाज कर अभी भी करीब 600 वाहन स्वामियों ने प्रपत्र उपलब्ध नहीं कराया। इन्हें नोटिस भी भेजा जा चुका है। इसके बाद भी स्कूल प्रबंधन और वाहन स्वामियों के सेहत पर कोई प्रभाव नहीं पड़ रहा है।
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क्या बोले अधिकारी
जनपद के सभी पंजीकृत स्कूल वाहन स्वामियों और स्कूल प्रबंधन को नोटिस भेजा गया है। समय सीमा समाप्त हो चुकी है। अब बिना फिटनेस वाले स्कूली वाहनों को ब्लैक लिस्टेड करने की तैयारी है। -मनोज प्रसाद वर्मा, एआरटीओ प्रशासन, वाराणसी