ग्रामीण इलाकों में लगे स्वास्थ्य शिविरों में जांच के दौरा 60 बच्चों में कुपोषण की पुष्टि हुई है। बनारस में इतनी बड़ी संख्या में कुपोषित बच्चों के मिलने से स्वास्थ्य विभाग की ओर से चलाई जाने वाली योजनाओं पर सवाल खड़ा हो गया है। इनमें कुछ बच्चे अति कुपोषित मिले हैं, उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। साथ ही उनके माता-पिता को खान-पान पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है।
राष्ट्रीय ग्रामीण पोषण मिशन के तहत जिले के हरहुआ, चोलापुर आदि ब्लाकों पर स्वास्थ्य शिविर आयोजित कर बच्चों के साथ माताओं के स्वास्थ्य की जांच की जा रही है। दो से दस फरवरी तक चले शिविर में जहां हरहुआं ब्लाक में 20 बच्चे कुपोषित मिले, वहीं चोलापुर ब्लाक के विभिन्न गांवों में 40 बच्चों में कुपोषण की पुष्टि हुई है। हरहुआं ब्लाक के आयर गांव को डीएम प्रांजल यादव ने गोद लिया हुआ है।
आयर में चार कुपोषित बच्चों के मिलने से खलबली मच गई है। आयर के अलावा चमांव में दो, भत्तूपुर-भवानीपुर में चार, बड़ालालपुर और मोहांव में छह बच्चों समेत ब्लाक में कुल 20 कुपोषित बच्चे मिले हैं। दानगंज संवाददाता के अनुसार चोलापुर के हाजीपुर में 11, बहरामपुर में 12, नियारडीह में पांच, बहादुरपुर-खरदहा, मंगोलपुर, मुंडेरी, मोहिनीडीह में एक-एक, टेकारी-अजगरा में दो-दो और गड़सरा में तीन बच्चों में कुपोषण की पुष्टि हुई है।
शिविर में तो चिकित्सकों ने बच्चों के मांता-पिता को खान-पान और साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देने को कहा है। हालांकि कुपोषित बच्चों के मिलने के बाद भी इन गांवों में अब तक स्वास्थ्य विभाग की ओर से कोई टीम नहीं पहुंची है।