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दसवीं के 52, 873 छात्रों को मिलेगा प्रमोशन का तोहफा

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हाईस्कूल की परीक्षा निरस्त करने के सरकार के फैसले के बाद जिले के 402 विद्यालयों के दसवीं के 52,873 छात्र प्रमोट होकर ग्यारहवीं में चले जाएंगे। वहीं, इंटरमीडिएट के 51,067 छात्रों को जुलाई के दूसरे सप्ताह में परीक्षा देनी पड़ेगी। फिलहाल उन्हें समयसारिणी का इंतजार है। आमतौर पर फरवरी के अंतिम सप्ताह से लेकर मार्च के पहले सप्ताह तक बोर्ड की परीक्षा शुरू हो जाती थी। इस बार भी माध्यमिक शिक्षा परिषद ने परीक्षा की समयसारणी जारी कर दी थी। परीक्षा केंद्र भी बना दिए गए थे। हालांकि, कोरोना संक्रमण बढ़ने से इसे टालने का फैसला किया गया। तब से छात्रों को परीक्षा का इंतजार था। अब जब की छात्र प्रमोट होंगे तो उन्हें परीक्षा का सामना नहीं करना पड़ेगा। वहीं, छात्रों को प्रोन्नत करने के लिए विस्तृत दिशानिर्देश का इंतजार है।
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इसी महीने पोर्टल पर अपलोड हुए नंबर
माध्यमिक शिक्षा परिषद की ओर से इसी महीने हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की परीक्षा देने वाले छात्रों के प्रीबोर्ड और पिछली कक्षा में मिले नंबर को अपलोड करने का निर्देश दिया गया था। दोनों की कक्षाओं के नंबर अपलोड भी कर दिए गए थे।
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तैयारियों में जुटा शिक्षा विभाग, शासनादेश का इंतजार
जुलाई के दूसरे सप्ताह में इंटर के छात्रों की परीक्षा कराने के फैसले के बाद अब शिक्षा विभाग ने स्थानीय स्तर पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। सभी प्रधानाचार्य को समय से इंटर के छात्रों के पाठ्यक्रम को दोहराए जाने और नियमानुसार ऑनलाइन पढ़ाई पर विशेष ध्यान देने को कहा जाएगा। जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. विजय प्रकाश सिंह ने बताया कि हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के छात्रों के परीक्षा के हिसाब से पाठ्यक्रम को पूरा कराया जा चुका था और परिषद की ओर से फैसले का इंतजार था। हाईस्कूल की परीक्षा निरस्त और इंटर की परीक्षा होने की सूरत में प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए जा चुके हैं। फिलहाल विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार है जैसे ही रिपोर्ट मिलती है उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
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बोले छात्र
आगे की तैयारी करने का अच्छा मौका
कोरोना संक्रमण के दौर में बच्चों के स्वास्थ्य को देख फैसला सही है। 11वीं में गणित विषय लेना चाहता हूं। परीक्षाएं रद्द होने के बाद अगली कक्षा की तैयारी शुरू करूंगा।
- शिवम चौरसिया, दसवीं, सीएम एंग्लो बंगाली
परीक्षा से होता है सही मूल्यांकन
पिछले एक साल से बोर्ड परीक्षाओं के लिए कड़ी मेहनत कर रही थी। ताकि अच्छे नंबरों से पास कर अपने पसंद की स्ट्रीम चुन सकूं। परीक्षाएं रद्द होने से थोड़ी निराश हूं, परीक्षाओं से सही मूल्यांकन हो पाता है।
- दीक्षा, छात्रा, दसवीं
परीक्षाएं कराने का फैसला सही-
परीक्षाओं को लेकर असमंजस की स्थिति थी, तैयारियों के दौरान परीक्षा रद्द होने का तनाव था। परीक्षाओं से ही सही मूल्यांकन होता है। इसे कराने का फैसला सही है। अब और भी बेहतर तैयारी करूंगी।
- मनिष्का पांडेय, इंटर, आर्य महिला इंटर कॉलेज
पिछले कई महीनों से तैयारी में जुटे थे, अब जुलाई में परीक्षा कराने की तैयारी है। बच्चों के भविष्य को देखते फैसला सही है। परीक्षा के दौरान भी स्वास्थ्य का ध्यान रखना जरूरी है।
- रमाकांत तिवारी, इंटर, सीएम एंग्लो बंगाली
क्या बोले शिक्षक
कोरोना काल में बोर्ड परीक्षा की तैयारी करने वाले छात्रों के साथ उनके अभिभावक काफी असमंजस में थे। सरकार के फैसले के बाद अभिभावकों ने राहत की सांस ली है। बच्चे इस फैसले के बाद समय को व्यर्थ न करें, इसका सदुपयोग करें।
- डॉ. प्रियंका तिवारी, प्रधानाचार्य, हरिश्चंद्र बालिका इंटर कॉलेज
सरकार का फैसला सही
कोरोना की तीसरी लहर बच्चों के लिए खतरनाक हो सकती है। परीक्षाओं को लेकर सरकार का फैसला सही है। जो समय बच्चों को मिला है, इसका सही इस्तेमाल कर बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं।
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- निशा सिंह, प्रधानाचार्य, जीजीआईसी मलदहिया
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