वाराणसी। कार्तिक बजाज के अपहरण और गायब जेवर को लेकर उसके पिता अनिल बजाज और पुलिस शुक्रवार को पूरे दिन एक-दूसरे को सवालों के घेरे में खड़ा करते रहे। पुलिस के अनुसार अपहरण जैसी कोई बात ही नहीं थी। वहीं, अनिल के अनुसार उनकी तत्परता से ही बच्चा सकुशल मिल गया।
सीओ दशाश्वमेध प्रीति त्रिपाठी ने बताया कि तफ्तीश में कार्तिक के मोबाइल की कॉल डिटेल और रिकॉर्डिंग से पता लगा कि गुरुवार की रात पिता और मां मेनका के घर न होने पर उसने अपने दोस्त को बुलाया। इस दौरान उसने मां के जेवर अपने दोस्त को दे दिए। रात 10 बजे के लगभग मां-बाप ने जेवर गायब देखे तो कार्तिक से पूछताछ की। कार्तिक ने दोस्त को फोन किया और जेवर लाने को कहा। मां-बाप जेवर खोजने में व्यस्त थे कि कार्तिक घर से भाग कर दोस्तों के पास पहुंच गया। मां-बाप कार्तिक की तलाश करने लगे और नहीं मिलने पर पुलिस को सूचना दी। बाद में मिलने पर पुलिस ने कार्तिक से पूछताछ की तो पता लगा कि वह हुक्का बार जाता था और घर पर बताता था कि खेलने जा रहा हूं। कार्तिक के दोस्त हुक्का बार में पेमेंट करते थे तो उसे अच्छा नहीं लगता था।
उधर, अनिल ने कहा कि पुलिस अपनी कहानी बता रही है। प्रभावशाली लोगों के चलते मामले को दूसरा मोड़ दिया जा रहा है। पुलिस पूरे जेवर नहीं बरामद कर सकी है। अपहर्ता उनके बच्चे को प्रयागराज ले जाने वाले थे और देर हो जाती तो पता नहीं क्या होता। पुलिस को हुक्का बार संचालकों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करनी चाहिए। बच्चे वहां न जाने पाएं, इसकी भी निगरानी हो।
अनिल के बड़े पुत्र चिराग बजाज का 19 जून, 2006 को अपहरण किया गया था। अपहर्ताओं ने कई बार अनिल को कॉल कर रंगदारी मांगी थी। बाद में चिराग की हत्या कर उसका शव गंगा पार फेंक दिया था। इसके बाद से कार्तिक की सुरक्षा को लेकर परिजन बेहद सतर्क रहते हैं। गुरुवार की रात कार्तिक के न मिलने पर परिजनों में कोहराम मच गया था।
तफ्तीश में सामने आया कि कार्तिक और उसके दोस्त प्रयागराज जाकर नाइटआउट करने की तैयारी में थे। पुलिस ने कार्तिक से पूछा कि नाइट आउट का क्या मतलब होता है तो उसने बताया कि घर से दूर जाकर मौज-मस्ती करते और फिर लौट आते।
पुलिस की मिलीभगत से सिगरा, चेतगंज, कैंट, भेलूपुर और लंका थाना क्षेत्र में ढाई दर्जन से ज्यादा हुक्का बार चल रहे हैं। इन हुक्का बार में अच्छी आर्थिक स्थिति वाले घरों के पांचवीं से लेकर बारहवीं तक के छात्र रोजाना शाम को पहुंच जाते हैं।