वाराणसी। शहर के विकास कार्यों के लिए 47 करोड़ से अधिक रुपये खर्च किए जाएंगे। बुधवार को मेयर की अध्यक्षता में हुई 14वें वित्त आयोग की बैठक में 47, 59,18,926 रुपये का प्रस्ताव पेश किया गया। इस दौरान मेयर ने अधिकारियों को गुणवत्तापूर्ण कार्य करने का सख्त निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि जहां सीसी रोड का निर्माण कराया जाना है वहां पहले अधिकारी निरीक्षण करें। जल निकासी की व्यवस्था के बाद ही सीसी रोड का निर्माण कराया जाए।
उन्होंने जलकल विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि जहां-जहां सीवर के चेंबर व ढक्कन का कार्य कराया जाए उसमें उच्च गुणवत्ता होनी चाहिए। बरसात के पहले नगर के सभी सीवर लाइन, नाली व नाला की सफाई अवश्य करा ली जाए। नाले से निकलने वाली सिल्ट का तत्काल निस्तारण भी कराया जाए। परिवहन विभाग व स्वास्थ्य विभाग में जिन उपकरणों की आवश्यकता हो और जितनी मात्रा में हो उतनी ही लिया जाए।
बैठक के दौरान समिति के सदस्यगण जिलाधिकारी (अपर जिलाधिकारी प्रोटोकाल) अतुल कुमार, नगर आयुक्त आशुतोष कुमार द्विवेदी, उपाध्यक्ष वीडीए राजेश कुमार, अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण विभाग रघुनाथ दास, मुख्य नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. जीएल केशरवानी, डॉ. ए.के. दुबे, कुलभूषण वार्ष्णेय, अनिल सिंह, लेखाधिकारी भरत दुबे, अधिशासी अभियंता लोकेश जैन, दिलीप शुक्ला, अजय राम, सचिव जलकल राघवेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।
मानकों में गड़बड़ी पर मेयर ने लगाई फटकार
वाराणसी। स्मार्ट सिटी के अंतर्गत हो रहे लहुराबीर-मैदागिन मार्ग पर नाली निर्माण में खामियां देखकर मेयर मृदुला जायसवाल नाराज हो गईं। उन्होंने स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट लीडर संजय वर्मा को फटकार लगाई और कहा कि आपकी लापरवाही से जनता को कितनी समस्या झेलनी पड़ती है। इसको तत्काल बेहतर ढंग से कराएं और मानक व गुणवत्ता का ध्यान रखा जाय। निरीक्षण के दौरान राधा कृष्ण जायसवाल (अंशुमाली), जितेंद्र गुप्ता, ओमप्रकाश यादव बाबू, प्रदीप जायसवाल (पिंटू), मुख्य अभियंता व नागरिक भी मौजूद रहे।