वाराणसी। हत्या और हत्या का प्रयास जैसी गंभीर किस्म की आपराधिक वारदातों के खुलासे के लिए जिले की पुलिस गंभीरता के साथ काम नहीं कर रही है। रोहनिया, चोलापुर और चौबेपुर क्षेत्र में हत्या के तीन मामलों की गुत्थी सुलझने का नाम नहीं ले रही है और पीड़ित परिवारों को थानेदार बार-बार यही जवाब देते हैं कि तफ्तीश जारी है। इसके चलते देहात क्षेत्र के थानों के थानेदारों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। थानेदारों की इस लचर कार्यशैली पर आला अफसर भी खासे नाराज हैं।
29 सितंबर की रात रोहनिया थाना अंतर्गत कचनार स्थित श्रद्धा इंटरमीडिएट कॉलेज के चौकीदार दिव्यांग सुभाष पटेल का सिर कूंच कर हत्या कर दी गई। इसके साथ ही कॉलेज के कार्यालय मेें तोड़फोड़ कर आग लगा दी गई। तफ्तीश कर रही रोहनिया पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी तो दूर उन्हें चिह्नित भी नहीं कर सकी है। छह अक्तूबर को चोलापुर थाना अंतर्गत कटारी गांव की पूर्व प्रधान के देवर राजू कन्नौजिया के घर का कामकाज देखने वाले बुजुर्ग रमाशंकर पर ताबड़तोड़ फायरिंग की गई। उपचार के दौरान बीएचयू ट्रॉमा सेेंटर में मौत हो गई। चोलापुर पुलिस ने वारदात की वजह जमीन विवाद बताई लेकिन आरोपी कौन हैं उन्हें चिह्नित कर गिरफ्तार नहीं किया जा सका। बीते जुलाई महीने के दूसरे हफ्ते में चौबेपुर थाना अंतर्गत राजवारी रेलवे गेट पर तैनात गेटमैन राजकुमार रंजन की हत्या की गई। पुलिस ने वारदात की वजह आशनाई और पुरानी रंजिश बताया। मगर, तीन महीने से ज्यादा समय बीतने के बाद भी वारदात का खुलासा नहीं किया जा सका है। इसी तरह 19 सितंबर की आधी रात बाद लंका थाना अंतर्गत करौंदी क्षेत्र की नंद नगर कॉलोनी में महिला प्रापर्टी डीलर नीतू त्रिपाठी और उनके ड्राइवर पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर हत्या का प्रयास किया गया लेकिन पुलिस मामले में प्रभावी कार्रवाई नहीं कर सकी। इस संबंध में एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बताया कि गंभीर किस्म की आपराधिक वारदातों के खुलासे के लिए संबंधित थानेदारों को लगातार चेताया जाता रहता है। जिसकी भी कार्यशैली इस संबंध में लापरवाह किस्म की प्रतीत होगी वो हर हाल में कार्रवाई की जद में आएगा।
टॉप फाइव अपराधियों पर कार्रवाई के लिए लगाई फटकार
थाने के टॉप फाइव अपराधियों पर प्रभावी तरीके से कार्रवाई न करने के लिए एसएसपी ने थानेदारों को फटकार लगाई है। कैंट, शिवपुर, रामनगर, भेलूपुर और आदमपुर थाना के थानाध्यक्ष को एसएसपी ने चेताया है कि यदि टॉप फाइव अपराधियों पर प्रभावी तरीके से कार्रवाई होते नहीं दिखी तो खुद पर कार्रवाई के लिए तैयार रहें।