वाराणसी। अमृतसर के रेल हादसे की पुनरावृत्ति वाराणसी में भी हो सकती है। यहां भी कई ऐसे क्षेत्र हैं, जहां रेल पटरी के बगल ही न केवल पूरा बाजार सजता है बल्कि बेरोकटोक लोगों का आना जाना लगा रहता है। इसकी परवाह न तो रेल प्रशासन को है और न ही जिला प्रशासन को। किसी भी दिन यह लापरवाही गंभीर घटना में तब्दील हो सकती है।
अमृतसर में पटरियों पर खड़े होकर रावण दहन का आनंद ले रहे 50 से ज्यादा लोग काल के गाल में समा गए। वाराणसी में भी लोग पटरियों को पार करने और आस-पास व्यापार करने में थोड़ा भी नहीं हिचकते। मंडुवाडीह रेलवे क्रासिंग के बगल में पूरी की पूरी अवैध सब्जी मंडी सजती है। रेलवे की भूमि पर पटरियों से सटे लोग सब्जियों का व्यापार करते हैं। सामानों के आवागमन के साथ ही खरीदारी करने आने वाले लोग पटरी पार कर यहां पहुंचते हैं। इसी प्रकार वाराणसी सिटी स्टेशन के समीप कोनिया में भी बड़ी संख्या में लोग रेल पटरियों को बेरोकटोक पार करते हैं। क्रासिंग दूर होने की वजह से लोग नियमविरुद्ध तरीके से पटरियों को पार कर आते-जाते हैं। लहरतारा पुल के नीचे भी पूरा बाजार सजता है, जहां खरीदारी करने के लिए सैकड़ों लोग रेल पटरियों को पार करते हैं। खास बात यह है कि सारे बाजार शाम से देर रात खुले रहते हैं। ऐसे में घटना की आशंका बढ़ जाती है। फुलवरिया क्रासिंग, शिवपुर, डगरा, नाथूपुर क्रासिंग सहित शहर के विभिन्न क्रासिंगों पर लोग बड़ी संख्या में नियमविरुद्ध पटरियों को पार करते देखे जा सकते हैं।