ज्ञानपुर। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद की बोर्ड परीक्षा के लिए केंद्र निर्धारण की कवायद शुरू हो गई है। परिषद ने केंद्र बनाने के लिए शिक्षा विभाग के अधिकारियों को गाइड लाइन भेजी है। इसके अनुसार उन्हीं विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाया जाएगा, जहां वायस रिकार्डिंग वाले सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। इसी तरह 21 अन्य बिंदुओं को भी पूरा करने के लिए कहा गया है। सूबे में भाजपा की सरकार बनने के बाद बोर्ड परीक्षा में सख्ती कर दी गई है। 2018 की परीक्षा में सभी केंद्रों को सीसीटीवी से लैस किया गया था। हालांकि कैमरे लगवाते समय प्रबंधकों ने चालबाजी कर दी। ऐसे कैमरे लगवा दिए गए, जिनमें आवाज रिकार्ड नहीं होती। ऐसे में परीक्षा कक्ष के अंदर क्या बातचीत हो रही है, यह स्पष्ट नहीं हो पाता था। इससे बोल कर नकल कराने की आशंका को देखते हुए सत्र 2018-19 की बोर्ड परीक्षा के लिए केंद्रों में वायस रिकॉर्डिंग वाले सीसीटीवी कैमरे लगवाने का निर्देश दिया गया है। निदेशालय का पत्र आने पर शिक्षा विभाग ने वायस रिकार्डर सीसीटीवी कैमरे, बाउंड्रीवाल, छात्र संख्या के हिसाब से कक्ष समेत अन्य बिंदुओं पर प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों से इस संदर्भ में रिपोर्ट मांगी है। जिला विद्यालय निरीक्षक अशोक कुमार ने बताया कि केंद्र निर्धारण के लिए विद्यालयों में उपलब्ध जरूरी सुविधाओं से संबंधित डाटा ऑनलाइन किया जा रहा है। निदेशालय की वेबसाइट पर डाटा फीडिंग के बाद मानक पूरे न करने वाले विद्यालय केंद्र निर्धारण की प्रक्रिया से स्वत: बाहर हो जाएंगे। ऑनलाइन आवेदन के साथ ही हार्डकापी भी जमा कराई जा रही है, जिसका सत्यापन तीन सदस्यीय कमेटी करेगी।