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ऐसे तो सावन भर झेलना होगा जाम

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ज्ञानपुर। वैसे तो राष्ट्रीय राजमार्ग-2 (वाराणसी-इलाहाबाद हाईवे) पर जाम कोई नई समस्या नहीं है, लेकिन मंगलवार को जाम लगने के कई कारण एक साथ सामने आ गए। यही वजह रही कि जिले की सीमा के अंदर पड़ने वाला लगभग पूरा हाईवे बुरी तरह जाम में जकड़ गया। सिक्सलेन निर्माण कार्य के कारण जगह-जगह खोद दिए जाने से संकरा हुए दक्षिणी लेन पर सावन में एक लेन बंद होने के बाद दोनों लेनों के यातायात का दबाव ही झेलने की क्षमता नहीं थी कि ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल के बाद एकाएक सड़कों पर उतरे ट्रकों की संख्या का अतिरिक्त बोझ पड़ गया। लिहाजा जाम की भीषण जकड़न के आगे पुलिस-प्रशासन की पूरी तैयारी फेल हो गई। वाराणसी-इलाहाबाद राजमार्ग पर प्रतिदिन छह हजार से अधिक ट्रकों का आवागमन होता है। इसके अलावा जौनपुर, मिर्जापुर, भदोही वाया ज्ञानपुर और जंघई आदि से आकर जीटी रोड में मिलने वाले मार्गों से आने वाले वाहनों ट्रकों का दबाव अतिरिक्त रहता है। ट्रांसपोर्टरों की हड़ताल समाप्त होने के बाद हाईवे पर ट्रकों का दबाव और बढ़ गया था। इसके अलावा जंगीगंज के आसपास दो जगहों पर दो ट्रक खराब होने से जाम लगने की शुरुआत हुई, जो लुंज-पुंज प्रशासनिक इंतजामों के चलते बढ़ती चली गई। शुरुआती दौर में ही जाम से संजीदगी से निपटा गया होता तो शायद यह स्थिति न आती, लेकिन लापरवाही के चलते हालात भयावह होते चले गए। लालानगर टोल प्लाजा पर वसूली के चलते देर से वाहनों को छोड़ने और आड़े तिरछे वाहनों का हाईवे पर प्रवेश जाम की समस्या को बढ़ाता गया। खास बात यह है कि आए दिन खड़ी होने वाली इस समस्या के स्थायी समाधान को लेकर पुलिस और प्रशासन ने भी कोई कारगर प्लान अब तक नहीं बनाया। इसका खामियाजा यात्रियों और वाहन चालकों को अक्सर भुगतना पड़ता है। सिक्सलेन निर्माण के चल रहे कार्य में एनएचएआई ने भी यातायात की सहूलियत और सावन मेले के दौरान होने वाली कांवर यात्रा को लेकर भी कोई ठोस व्यवस्था नहीं बनाई। माना जा रहा है कि हालात ऐसे ही रहे तो सावन भर भारी मुश्किलें झेलनी पड़ेंगी।
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