वाराणसी। बीएचयू के विभिन्न विभागों में पढ़ने वाले एससी-एसटी छात्रों से शुल्क लिए जाने के आदेश के खिलाफ छात्रों ने आयोग में शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई है। नई दिल्ली में अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष नंद कुमार साय और अनुसूचित जाति आयोग के सदस्य डॉ. योगेंद्र पासवान से मिलकर ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की। आयोग पहुंचे छात्रों में कुलदीप मीना, भुवाल, मारूति मानव, चंद्रप्रकाश आदि ने ज्ञापन में कहा है कि विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से प्रवेश के समय शुल्क माफ कर दिया जाता है। इस वजह से छात्रों को छात्रवृत्ति प्राप्त करने के समय शुल्क प्रतिपूर्ति की धनराशि नहीं मिलती है। अब विश्वविद्यालय की ओर से 19 फरवरी 2018 को आदेश जारी कर छात्रवृत्ति मिलने के बाद शुल्क जमा करने का हवाला दिया गया है। इस बारे में जब स्थानीय अधिकारियों से बात की गई तो उन्होंने बिना शुल्क जमा किए परीक्षा का प्रवेश पत्र न देने की बात कही। अब इस आदेश से छात्र परेशान हैं और परीक्षा की तैयारी नहीं कर पा रहे हैं। बताया कि इस दौरान नंद कुमार साय और डॉ. योगेंद्र पासवान ने मामले में विश्वविद्यालय प्रशासन से बातकर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।