गोपीगंज। मिर्जापुर जिले को जोड़ने वाले रामपुर घाट पीपा पुल के 40 से अधिक पीपे इस समय गंगा में अलग-अलग स्थानों पर पड़े हैं। लोक निर्माण विभाग की अनदेखी से पीपा जंग की चपेट में आ रहे हैं। इससे पुल निर्माण के दौरान जहां बड़ी समस्या होगी वहीं विभाग को काफी नुकसान होगा।
गोपीगंज क्षेत्र के मिर्जापुर जनपद को जोड़ने वाले रामपुर घाट पर 1989 में पीपा पुल का निर्माण लोक निर्माण विभाग की ओर से कराया गया था। उसके बाद समय-समय पर विभाग की ओर से 90 पीपा लगाकर पुल को चालू किया जाता है। धीरे- धीरे पीपा जर्जर होते गए। विभाग की उदासीनता से गंगा में करीब चार दर्जन से अधिक पीपा गंगा में डूबे पड़े हैं। काफी संख्या में चकर प्लेट और गाटर भी क्षतिग्रस्त होकर पानी में पड़े हैं। विभाग की ओर से जर्जर पीपा की निलामी कराई जाए तो लाखों का राजस्व विभाग को मिलेगा। रामपुर घाट पीपा पुल की देखभाल कर रहे मेठ रामदुलार निषाद ने बताया कि एक पीपे की लागत एक लाख से अधिक है। उन्होंने कहा कि इस समय 106 पीपा पुल में लगा है। अधिशासी अभियंता लोक निर्माण राकेश कुमार ने कहा कि उनके संज्ञान में मामला नहीं है। पीपा को दिखवाकर उसे सुरक्षित रखा जाएगा।