वाराणसी। डीरेका के ठेकों की जांच कराने के कारण ठेकेदारोें से मनमुटाव और कर्मचारी परिषद की चुनावी राजनीति का विवाद के चलते कर्मचारी नेता ताराधीश कुमार मुकेश की हत्या के बिंदु पर भी पुलिस तफ्तीश कर रही है। इसके लिए छह टीम गठित की गई हैं। पुलिस के मुताबिक झांसी जेल में निरुद्ध मुन्ना बजरंगी के करीबी ठेकेदारों की आंख की किरकिरी बने मुकेश की कार का शीशा खोलकर शूटर ने उनकी बगल की सीट पर बैठकर गोली मारी। बुधवार रात तक पुलिस डीरेका से जुड़े कुछ ठेकेदारों सहित 11 संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही थी। वारदात को लेकर मुकेश के छोटे भाई ताराचंद ने मंडुवाडीह थाने में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है।
डीरेका से जुड़े ठेकों की जांच कराने के लिए आए दिन आवेदन देते रहते थे। मुकेश की वजह से ही मुन्ना बजरंगी के कुछेक करीबी ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई भी हुई। इस वजह से ठेकेदारों का एक खास वर्ग उनसे खासा नाराज रहता था। पुलिस के अनुसार मंगलवार की रात मुकेश डीरेका परिसर के बाहर ठेकों से जुड़े जांच संबंधी एक पंचायत में गए थे। लौट कर डीरेका सिनेमा हाल के सामने स्थित दुकान पर मुकेश ने पान खाया और कार से घर के लिए निकले। पुलिस को पता लगा है कि मुकेश की कार के ठीक पीछे काले रंग की एक सफारी चल रही थी। वह सफारी किसकी थी और कहां से आई थी इसे लेकर अभी संशय बरकरार है।
तफ्तीश में एक और प्रमुख बात यह सामने आई है कि वर्ष 2016 से कर्मचारी परिषद की चुनावी राजनीति से उपजे विवाद के बाद भी उनसे कुछ लोग बहुत नाराज थे। नाराज लोग अकसर यही कहते हुए सुने जाते थे कि बिहार से आकर मुकेश यहां के लोगों को दरकिनार कर कैसे नेता बन सकता है। इसके साथ ही, मुकेश की हत्या को डीरेका से जुड़े ठेकेदारों के बीच की वर्चस्व की लड़ाई से जोड़कर भी पुलिस जांच कर रही है। इस संबंध में एसपी सिटी दिनेश कुमार सिंह ने बताया कि ठेकेदारों से मनमुटाव, कर्मचारियों की चुनावी राजनीति के विवाद सहित अन्य बिंदुओं पर हमारी जांच जारी है। दबिश और संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है।