वाराणसी। सरकारी बकाए की वसूली के मामले में सपा नेताओं ने पूर्व सांसद जवाहर जायसवाल से दूरी बना ली है। उनके छोटा बेटे अमित को हिरासत में लेने और कुर्की के लिए जमीन की मापी के दौरान सपा के महानगर अध्यक्ष राजकुमार जायसवाल के अलावा कोई नेता या पदाधिकारी उनके घर नहीं पहुंचा। इस बीच मंगलवार शाम पहली आरसी के बकाए का चेक मिलने तक जवाहर और उनके बड़े पुत्र गौरव अधिकारियों के सामने नहीं आए। अरेस्ट स्टे के बावजूद उन्हें गिरफ्तारी का डर सता रहा था।
जवाहर के बेटे अमित और उनके दो भाई करीब चार घंटे कैंट थाने में रहे लेकिन परिवार के चंद लोगों और कुछ कर्मचारियों को छोड़कर सबने मौके पर जाने की जरूरत नहीं समझी। जवाहर परिवार के करीबी कहे जाने वाले राजकुमार बैंक से चेक लेकर वकीलों के साथ थाने पहुंचे और कानूनी कार्यवाही को आगे बढ़ाया। राजकुमार का कहना है कि वह पार्टी के प्रतिनिधि और निजी संबंधों के नाते कैंट थाने गए थे।
हाईकोर्ट चीनी मिल के बकाए की वसूली में हाईकोर्ट के सख्त रुख के बाद ही शासन ने डीएम कुशीनगर को हर हाल में वसूली कराने एवं डीएम वाराणसी को इस काम में सहयोग करने का निर्देश दिया था। जवाहर और उनके परिवार के लोगों ने वसूली की कार्रवाई से बचने के लिए जनप्रतिनिधियों से लेकर अफसरों तक के यहां पैरवी लगाई लेकिन कोई मदद नहीं मिली। दोपहर बाद जब लगने लगा कि होटल रमाडा कुर्क कर दिया जाएगा तब जाकर बैंक से चेक बनवाने की प्रक्रिया शुरू की गई।