वाराणसी। भोजपुरी सिनेमा अब धीरे-धीरे बदल रहा है। यूपी और बिहार के भोजपुरिया बेल्ट से निकलकर यह अब पूरे भारत में इसकी पहुंच हो रही है। भोजपुरी फिल्में यूपी, बिहार से कहीं ज्यादा कमाई अब गुजरात और महाराष्ट्र में कर रही हैं। यह कहना है भोजपुरी सिनेमा में एक्शन स्टार के रूप में मशहूर सत्येंद्र सिंह का लेकिन उन्हें मल्टीप्लेक्स में भोजपुरी फिल्में न दिखाए जाने का मलाल भी है।
बनारस के रहने वाले सत्येंद्र सिंह ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि यदि भोजपुरी सिनेमा को मल्टीप्लेक्स में प्रदर्शन का मौका मिल जाए तो इसका चेहरा ही बदल जाएगा। महाराष्ट्र का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां पर सभी मल्टीप्लेक्स में मराठी फिल्म दिखाना अनिवार्य है। इससे कम बजट की फिल्में भी ज्यादा अच्छा बिजनेस करती हैं। हरिश्चंद्र पीजी कॉलेज से लॉ ग्रेजुएट सत्येंद्र एक दिसंबर को रिलीज होने वाली भोजपुरी फिल्म दहशत के प्रमोशन के सिलसिले में वाराणसी आए हैं। उन्होंने बताया कि यह फिल्म आजमगढ़ में तैनात रहे एक आईपीएस की रियल स्टोरी पर आधारित है। आजमगढ़ में गुंडाराज खत्म करने वाले आईपीएस की सच्ची कहानी को रुपहले पर्दे पर उतारने का प्रयास किया गया है। फिल्म की अभिनेत्री प्रियंका पंडित हैं।
सत्येंद्र अभी दक्षिण भारत की फिल्म वैंपायर में काम कर रहे हैं। बताया कि हिंदी सिनेमा में नवाजुद्दीन सिद्दीकी के साथ एक फिल्म की बात चल रही है। उनकी अगली भोजपुरी फिल्म सूर्या की शूटिंग भी अगले महीने से वाराणसी में शुरू होगी। इस फिल्म की पूरी शूटिंग बनारस की विभिन्न लोकेशन पर होगी। बचपन से ही अभिनय के शौकीन सत्येेंद्र के पिता ददन सिंह पुलिस विभाग से रिटायर्ड हैं और माता पन्ना देवी गृहिणी हैं।