वाराणसी। काशी में प्रमुख मंदिरों को एक-दूसरे से जोड़ कर विकसित करने और धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए प्रस्तावित ‘पावन पथ’ योजना आगे बढ़ने लगी है। बुधवार को नगर निगम कार्यालय में नगर आयुक्त डॉ. नितिन बंसल की अध्यक्षता में बैठक आयोजित की गई। इसमें वीडीए सचिव विशाल सिंह और पर्यटन विभाग के संयुक्त निदेशक अवनीश चंद्र मिश्र और निजी संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ विचार-विमर्श कर इसका प्रस्ताव तैयार किया गया।
25 अक्तूबर को सांस्कृतिक संकुल, चौकाघाट में किसान ऋण मोचन कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने काशी के लिए पावन पथ योजना की घोषणा की थी। इसके तहत श्रीकाशी विश्वनाथ समेत सभी द्वादश ज्योतिर्लिंगों, कालभैरव सहित सभी अष्ट भैरव मंदिरों, नौ दुर्गा और नौ गौरी मंदिरों को जोड़ा जाएगा। साथ ही इनके बीच सड़क, पानी, बिजली और यूरिनल की व्यवस्था दुरुस्त कराई जाएगी ताकि श्रद्धालु सभी मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए आसानी से पहुंच सकें। अभी तक देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु और सैलानी श्रीकाशी विश्वनाथ मंदिर, संकटमोचन, दुर्गाकुंड, सारनाथ और गंगा आरती तक समिति रह जाते हैं जबकि काशी में अन्य धार्मिक स्थल भी काफी महत्वपूर्ण हैं। नगर निगम, पर्यटन विभाग और वीडीए ने स्थानों को चिह्नित कर लिया है। अब इस पर आने वाले खर्च और काम की डीपीआर तैयार कर शासन को भेजी जाएगी।