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दुर्गा मां तू बनारस वाली सबकर करेलू कल्याण

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वाराणसी। दुर्गाकुंड संगीत महोत्सव की छठवीं और आखिरी निशा सुगम और लोक संगीत की धुनों से यादगार बनीं। भजनों के अलावा पूर्वी, दादरा की धुनों पर देवी गीतों की एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां की गईं। बेला, गुलाब, गेंदा के फूलों से सजे मां के धाम में सुरों की सरिता देर रात तक प्रवाहित होती रही और श्रद्धालु झूमते थिरकते रहे।
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मां दुर्गा के दरबार में संगीत महोत्सव की अंतिम निशा का शुभारंभ हनुमान प्रसाद पोद्दार अंध विधालय के छात्रों की प्रस्तुतियों से हुआ। ज्ञानेंद्र पांडेय ने -जय जय शेरावाली... के बोल से शुरुआत की। इसके बाद उन्होंने मां के चरणों में एक से एक भजनों की प्रस्तुति की। इनके बाद रजनीश कुमार एंड पार्टी ने मां के चरणों में अपनी स्वरांजलि अर्पित की। दुख सुन ल हमार ये माई ...के बाद पहाड़ पर बसे ली वैष्णों भवानी... को सुरों से सजाकर उन्होंने सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। फिर बारी आई गायक अनुराग दीक्षित की। इन्होंने शुरुआत -मइया सबकी सुनती सबका कल्याण करती हैं...के बोल से की। इनके बाद डॉ अमलेश शुक्ल अमन ने माइक संभाला। वैष्णो भवानी दुर्गा...के बाद भवानी के द्वार बड़ा प्यारा... समेत कई भजनों की प्रस्तुतियों से अमन ने संगीत निशा में चार चांद लगा दिया। इसके बाद उन्होंने- नमोस्तुतेे-नमोस्तुते जय-जय दुर्गे नमो स्तुते ...की प्रस्तुति की। दुर्गा मां तूं बनारस वाली...के बोल से विराम लिया। इनके अलावा गायक विजय लाल यादव, राजकुमार, प्रकाश उपाध्याय, पवन सिंह परदेशी, ममता सिंह मासूम, सपना पांडेय, कुसुम पांडेय, कल्पना पांडेय ने भी मां के चरणों में भजनों की प्रस्तुति कर वाहवाही बटोरी। कलाकारों का स्वागत पं. कौशलपति द्विवेदी ने किया। संचालन कृष्ण कुमार तिवारी व सोनू झा ने किया। रामयश मिश्र ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
बेला-रजनीगंधा से शृंगार, भंडारे में हलवा-पूड़ी का भोग
वाराणसी। दुर्गाकुंड स्थित मां कुष्माण्डा देवी के छह दिवसीय हरियाली शृंगार महोत्सव के आखिरी दिन गुरुवार को पांच पुजारियों ने मां का बेला, अड़हुल, गुलाब, गेंदा, चमेली, अश्वगंधा, अशोक, कामिनी के फूलों से आकर्षक शृंगार किया गया। पं. संजय दुबे ने मां की भव्य आरती किी। दोपहर को मां कूष्मांडा को हलवा, पूड़ी का भोग लगाकर भंडारे का शुभारंभ हुआ। हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। महंत रामनरेश दुबे व श्रीकृष्ण कुमार दुबे ने श्रद्धालुओं को आशीर्वाद प्रदान किया।
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