खिड़किया (नमो) घाट पर फ्लोटिंग सीएनजी स्टेशन
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र बनारस में एक और ड्रीम प्रोजेक्ट पर काम चल रहा है। जिसमें नमो घाट पर दुनिया का पहला तैरता सीएनजी फिलिंग स्टेशन बनकर तैयार हो गया है। जो बनारस के खिड़किया घाट (जो अब नए कलेवर के साथ नमो घाट के नाम से जाना जाता है) पर बना है। वहीं दूसरी कड़ी में अब शहर को 500 सीएनजी बोट भी मिल गए हैं। जिससे ना केवल वायु और जल प्रदूषण कम हो रहा है बल्कि नाविकों की कमाई भी दोगुनी हो गई है। पीएम मोदी ने हाल ही में वाराणसी के दौरे पर 500 सीएनजी नावों को हरी झंडी दिखाई थी।
गेल के डिप्टी जनरल मैनेजर एनके द्विवेदी ने बताया कि सीएनजी नावों से ना केवल शहर का प्रदूषण कम होगा बल्कि देश की आर्थिक स्थिति में भी असर पड़ेगा। इस प्रोजेक्ट को वाराणसी नगर निगम के साथ मिलकर बनाया गया है। नगर निगम के पास कुल 657 बोट का पंजीकरण हुआ है। जिसमें से 522 बोट को सीएनजी में परिवर्तित कर दिया गया है। बाकियों पर काम जारी है।
नाविक ने साझा किए अपने अनुभव
एक नाविक ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा कि पहले हम हाथ से संचालित होने वाले नाव चलाते थे जिसमें मेहनत ज्यादा और आमदनी कम होती थी। लेकिन आज मेरे पास दो बोट हैं जो सीएनजी से चलती हैं और मेरी कमाई भी अब दोगुनी हो गई है। BHU के पूर्व प्रोफेसर और पर्यावरणविद् बीडी त्रिपाठी ने भी प्रोजेक्ट पर अपनी राय रखते हुए कहा कि पहले डीजल बोट से प्रदूषण बहुत होता था लेकिन अब ये कम हो गया है जो अच्छी बात है।