महमूरगंज स्थित श्रृंगारी मठ में चार दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान में पूजन करते। अमर उजाला
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महाशिवरात्रि पर महमूरगंज स्थित शृंगेरी मठ में चार दिवसीय महारुद्र की शुरुआत बृहस्पतिवार को हुई। जगद्गुरू शंकराचार्य दक्षिणाम्नाय श्रीशारदा पीठाधीश्वर भारती तीर्थ महास्वामी और उनके उत्तराधिकारी शिष्य शंकराचार्य स्वामी विधु शेखर भारती के आशीर्वाद से हैदराबाद 50 वैदिक ब्राह्मणों ने अनुष्ठान किया। वैदिक ब्राह्मणों ने सुबह गुरुपूजा कर भगवान हनुमान की मंगला आरती की। भगवान शिव और पार्वती की प्रतिमा पालकी में बैठाकर मठ परिसर में शोभायात्रा निकाली। इसके बाद ब्राह्मणों ने स्वस्ति वाचन कर यज्ञशाला में प्रवेश किया। वेद ब्रह्मश्री पं. फणि शशांक शर्मा व पं. गोपीकृष्ण शर्मा के आचार्यत्व में गणेश पूजन के साथ महारुद्र का महासंकल्प हुआ। मुख्य यजमान चल्ला अन्नपूर्णा प्रसाद और चल्ला अभिनव और उनकी पत्नी प्रज्ञा अभिनव रहीं। शिवलिंग का पंचामृत अभिषेक कर षोडशोपचार पूजन हुआ। इसके बाद महारुद्र की शुरुआत हुई। ब्राह्मणों ने रुद्र पाठ की 1331 आवृत्तियां कीं। महारुद्र की पूर्णाहुति महाशिवरात्रि को होगी। शाम को सांस्कृतिक संध्या में दक्षिण भारत से कलाकारों ने भजन प्रस्तुत किया। पूजन में चल्ला गणेश, चल्ला जगन्नाथ, चल्ला अभिनव, चल्ला सुब्रहम्णयम शंकर, संतोष सोलापुरकर आदि रहे।