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विश्वास नेपाली के नाम पर ट्रांसपोर्टर से मांगी 50 लाख की रंगदारी

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एक दशक से फरार 50 हजार के इनामी बदमाश विश्वास नेपाली के नाम से धूपचंडी स्थित एक ट्रांसपोर्टर से 50 लाख की रंगदारी मांगी गई। रंगदारी नहीं देने पर अंजाम भुगतने की धमकी मिलने पर सहमे ट्रांसपोर्टर ने चेतगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया। ट्रांसपोर्टर के घर और कार्यालय के बाहर पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी गई है। वहीं धमकी भरे फोन नंबर को ट्रेस करने के लिए क्राइम ब्रांच और चेतगंज पुलिस की टीमें लगाई हैं।
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पिछले सप्ताह ट्रांसपोर्टर के कार्यालय पर हेलमेट लगाकर पहुंचे एक बदमाश ने असलहा चमकाते हुए रंगदारी मांगी थी। इसके बाद विश्वास नेपाली के नाम से तीन से चार बार फोन कॉल और टेक्स्ट मैसेज के जरिए ट्रांसपोर्टर से 50 लाख की रंगदारी मांगी गई। शिवपुर थाना अंतर्गत तरना के चमांव निवासी विनोद पांडेय का ट्रांसपोर्ट कारोबार है। चेतगंज थाना के धूपचंडी में विनोद का कार्यालय है। विनोद के अनुसार 24 मई को हेलमेट लगाए हुए एक युवक कार्यालय में दाखिल हुआ और सीधे असलहा चमकाते हुए धमकी दी कि भैया जी जो कह रहे हैं, कर दो नहीं तो अंजाम बहुत बुरा होगा। इसके बाद विश्वास नेपाली का नाम लेकर तीन से चार बार फोन आया और कहा गया कि 50 लाख दे दो।
इससे डरे व सहमे ट्रांसपोर्टर ने 28 मई को चेतगंज थाना में अज्ञात के खिलाफ धमकी का मुकदमा दर्ज कराया। ट्रांसपोर्टर के कार्यालय पहुंची पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगालने से लेकर अन्य जांच पड़ताल की। उक्त नंबर को सर्विलांस पर लेकर क्राइम बांच भी जांच जुटी लेकिन सफलता नहीं मिली। कारोबारी की गुहार पर पुलिस ने उसके शिवपुर स्थित घर और धूपचंडी स्थित कार्यालय पर सुरक्षा बढ़ा दी। ट्रांसपोर्टर का परिवार इतने खौफ में है कि अनजान नंबर भी नहीं उठ रहा।
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13 साल बाद जिंदा हुआ नेपाली का नाम
रंगदारी और हत्या, हत्या के प्रयास, लूट सहित अन्य कई वारदातों के लिए कुख्यात कोतवाली के कपिलेश्वर गली निवासी विश्वास शर्मा उर्फ विश्वास नेपाली पिछले 13 साल से फरार है। वाराणसी पुलिस ने उस पर 50 हजार का इनाम भी घोषित किया है। हालांकि इनाम घोषित होने के पांच साल भी पुलिस नेपाली के बारे में जानकारी नहीं जुटा सकी। पकड़ना तो दूर की बात है। एक बार फिर से जिंदा हुए नेपाली के नाम से पुलिस के कान खड़े हुए तो वहीं कारोबारियों में भी हलचल बढ़ गई है। क्योंकि विश्वास नेपाली के निशाने पर अधिकतर व्यापारी और उद्यमी ही रहे हैं।
पहला मुकदमा 2001 में, भेलूपुर थाने में
पुलिस के अनुसार विश्वास नेपाली पर पहला मुकदमा भेलूपुर थाने में 2001 में दर्ज हुआ था। इसके बाद 2001 में ही उसके खिलाफ रंगदारी का मुकदमा कोतवाली में दर्ज हुआ था। इसके बाद पुलिस ने उसके खिलाफ गुंडा एक्ट और गैंगेस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की थी। जेल से छूटने के बाद और आक्रामक हुए नेपाली ने उस समय बदमाश अनुराग त्रिपाठी उर्फ अन्नू और बागपत जेल में मारे गए मुन्ना बजरंगी गिरोह से जुड़ गया था। नेपाली के खिलाफ लूट, हत्या, अपहरण और रंगदारी मांगने के 30 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। एसटीएफ के एक अधिकारी बताते हैं कि कुछ साल पहले जानकारी मिली थी कि विश्वास नेपाली नेपाल में टूर एंड ट्रवेल्स के धंधे से जुड़ गया है। इसके बाद उसकी कोई लोकेशन नहीं मिली है।
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