50 साल से अधिक आयु के बलिया जिले में तैनात सभी पुलिसकर्मी सक्षम हैं, यानी उन पर भ्रष्टाचार सहित किसी अन्य प्रकार के कोई आरोप नहीं हैं। वहीं, बनारस में तैनात 22 पुलिसकर्मी अक्षम मिले हैं और उन्हें महकमे ने अनिवार्य सेवानिवृत्त का नोटिस थमा कर बाहर का रास्ता दिखा दिया।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर पुलिस महकमे ने 50 वर्ष से अधिक आयु के भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरे, ड्यूटी से गैरहाजिर रहने वाले और शारीरिक रूप से असमर्थ पुलिस कर्मियों को सेवानिवृत्त करने का निर्णय लिया है।
इस निर्णय के मद्देनजर वाराणसी जोन के 10 जिलों में तैनात 47 पुलिसकर्मियों को सेवानिवृत्त किया गया है। इनमें बलिया जिले से एक भी पुलिसकर्मी शामिल नहीं है। वहीं, वाराणसी के 22, आजमगढ़ के पांच, गाजीपुर, मिर्जापुर व सोनभद्र के चार-चार, भदोही के तीन, जौनपुर व मऊ के दो-दो और चंदौली का एक पुलिस कर्मी शामिल है।
एडीजी जोन ब्रज भूषण ने बताया कि जिलों के पुलिस अधीक्षकों द्वारा भेजी गई रिपोर्ट के आधार पर पुलिसकर्मियों की अनिवार्य सेवानिवृत्ति के संबंध में निर्णय लिया गया है।