वाराणसी। बीएचयू के रुइया हॉस्टल में 16 मार्च से चल रहे संस्कृत शास्त्र प्रशिक्षण शिविर के समापन समारोह में गुरुवार को कुलपति प्रो. राकेश भटनागर ने संस्कृत की उपयोगिता की चर्चा की। बतौर मुख्य अतिथि प्रो. भटनागर ने कहा कि छात्रावास सहित जो भी समस्याएं हैं, उनके समाधान के लिए छात्रों से संवाद करना बहुत जरूरी है।
इस दौरान कुलपति ने संस्कृत की उपयोगिता और उसे जीवन में उतारने की प्रेरणा दी। कहा कि संवाद के माध्यम से छात्रों एवं शिक्षणगत कमियों को दूर किया जा सकता है। कहा कि एक परिवार में पांच बच्चे होते हैं और एक अभिभावक सभी बच्चों को समान रूप से अच्छा बनाने का प्रयास करता है, इसी प्रकार छात्रावासियों से संवाद करने के साथ ही छात्रावासों में शैक्षिक कार्यक्रम को बढ़ावा देना होगा। अतिथियों का स्वागत छात्रावास के प्रशासनिक संरक्षक प्रो. उपेंद्र कुमार त्रिपाठी किया। इस दौरान चीफ प्रॉक्टर प्रो. श्रद्धा सिंह, डॉ. राजेश सिंह, डॉ. रमाकांत पांडेय आदि मौजूद रहे।