नई दिल्ली। इंटीग्रेटेड कोच फैक्ट्री (आईसीएफ) के चीफ मैकेनिकल इंजीनियर शुभ्रांशु का कहना है कि अगले दो साल में 40 नई वंदे भारत एक्सप्रेस देश के अलग-अलग रूट पर चलाई जाएंगी। सभी गाड़ियां फिलहाल एसी चेयरकार होंगी और शताब्दी एक्सप्रेस की जगह लेंगी। रेलवे बोर्ड से स्लीपर कोच बनाने के आदेश के बाद इसकी डिजाइन तैयार कराई जा रही है। 2021 अंत तक स्लीपर कोच भी बन जाएंगे और ये राजधानी की जगह लेंगे।
शुभ्रांशु ने ट्रेन इसी साल मार्च तक एक और सेमी हाईस्पीड ट्रेन ट्रैक पर लाने का दावा किया। उनका कहना है कि 2019-20 तक 10 टी 18, 2020-21 तक 15 और 2021-22 तक 15 और ट्रेनें बनाने का लक्ष्य है। बताया कि ट्रेन 200 की रफ्तार से दौड़ सकती है। अभी ट्रैक उस क्षमता के नहीं है। पूरी स्पीड से ट्रेन को दौड़ाने के लिए बाड़ लगाना भी जरूरी है। ट्रेन की स्पीड बढ़ाने के लिए कई और तकनीकी बदलाव किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि रेलवे ट्रैक को अपडेट करना मुश्किल है। इसलिए हमने इस ट्रेन की जो डिजाइन तैयार की उसमें खासतौर पर बोगी, पहिया और स्प्रिंग ऐसा डिजाइन किया है कि इसी ट्रैक पर ये ट्रेन 130 से 160 की स्पीड पर दौड़ सके।